भारत नगर थाने में तैनात कांस्टेबल अमित राणा की मौत के बाद उसके साथियों व परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए थे। अब कोरोना से संक्रमित दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर ने ऐसे ही आरोप अपने कुछ साथियों पर लगाकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बेहतर इलाज की गुहार लगाई है।
दरअस्ल पश्चिम जिले में तैनात एक इंस्पेक्टर कोरोना पॉजिटिव हो गए। इलाज के लिए दक्षिण-पूर्व दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। इंस्पेक्टर को भर्ती उसी अस्पताल के क्षेत्र में आने वाले थाने के इंस्पेक्टर ने कराया। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसे कोरोना के 42 अन्य गंभीर मरीजों के साथ एक हॉल में भर्ती कर लिया गया।
भर्ती करते समय उसे आश्वासन दिया गया था कि कुछ ही घंटों में उसे अकेला कमरा दे दिया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिस जिले में अस्पताल है, उसी जिले के एक एएसआई को अलग कमरा दिला दिया गया। इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया कि जिस जगह उसे रखा गया है, उस पूरे हाल में एक ही वॉशबेसिन और एक ही टॉयलेट है।
ऐसे में बजाए तबीयत यहां सुधारने के उसकी तबीयत बिगड़ सकती है। इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया कि उसने भर्ती करने वाले इंस्पेक्टर को खूब कॉल किए, लेकिन उसका फोन नहीं उठाया जा रहा है। यह सब दर्द उसने एक व्हाट्सऐप मैसेज बनाकर अपने सीनियर अधिकारियों से बेहतर इलाज की गुहार लगाई है। किसी तरह मैसेज लीक होकर सोशल सोशल मीडिया पर आया तो मीडिया को पता चला। वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।