पीरियड्स को लेकर समाज में आज भी जिस तरह की सोच है उसे बदलने और महिलाओं को इससे बाहर निकालने के लिए भारत की एक डिजिटल मीडिया कंपनी ने एक बड़ा कदम उठाया है।
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भारत की यह डिजिटल मीडिया कंपनी ने अपने यहां काम करने वाली सभी महिलाओं को पीरियड्स के पहले दिन छुट्टी देने का फैसला लिया है। इसके लिए कंपनी ने अपनी ऑफिस की नीतियों में भी शामिल कर लिया है।
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मुंबई की इस कंपनी(कल्चर मशीन) का कहना है कि पीरियड्स को लेकर भारत में खुले तौर पर बात नहीं होती। इसे बात करने योग्य विषय नहीं समझा जाता और जागरूकता के अभाव में लाखों महिलाएं और लड़कियां सामाजिक भेदभाव व स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करती हैं।
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बता दें कि इस मीडिया कंपनी में 75 महिला कर्मचारी काम करती हैं और इनके लिए इसी महीने कंपनी ने यूट्यूब पर वीडियो जारी कर मेंस्ट्रल लीव देने की घोषणा की है।
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कल्चर मशीन की एचआर प्रेसीडेंट देवलीना एस. मजूमदार के अनुसार निश्चित ही पीरियड का पहला दिन बेहद तकलीफ भरा होता है। इसलिए यह समय है कि हम सच्चाई का सामना करें क्योंकि इसमें कोई शर्मिंदगी की बात नहीं है बल्कि यह जिंदगी का हिस्सा है।
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इस कंपनी द्वारा 3 जुलाई को जारी वीडियो को अब तक 1.5 लाख से भी ज्यादा बार देखा गया है। इस वीडियो में कंपनी की महिला कर्मियों ने अपने पीरियड के पहले दिन के अनुभव साझा किए हैं।
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- फोटो : सोशल मीडिया
भारत में माना जाता है कि पीरियड्स के दौरान महिलाएं और लड़कियां अशुद्ध हो जाती हैं। इस दौरान उनका मंदिरों में घुसना मना हो जाता है साथ ही कुछ खानों को छूना भी मना कर दिया जाता है।
कंपनी पीरियड्स में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को लेकर चेंज डॉट ऑर्ग पर ऑनलाइन पीटिशन भी डाली है जिसमें उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी व एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर किसी भी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए यही नीति अपनाने की अपील की है।