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Delhi Earthquake: सुबह-सुबह दिल्ली में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर इतनी रही तीव्रता

Mon, 19 Jan 2026 09:35 AM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोमवार की सुबह दिल्ली के लोगों को भूकंप के हल्के झटके महसूस हुए, जिससे कुछ देर के लिए उनमें दहशत फैल गई। यह घटना सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर हुई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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सोमवार की सुबह दिल्ली में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे हड़कंप मच गया। यह घटना सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर हुई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई।

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भूकंप का केद्र उत्तरी दिल्ली में धरती से 5 किलोमीटर की गहराई में था। वहीं, हरियाणा के सोनीपत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप के कारण अब तक किसी तरह से जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। 

भूकंप के झटके हल्के थे, किसी बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन अचानक आए इन झटकों ने लोगों को कुछ पलों के लिए आशंकित कर दिया। कई लोगों ने अपने घरों और कार्यालयों में कंपन महसूस किया, जिसके बाद वे बाहर निकल आए। क्यों आता है भूकंप?
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पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। 

जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

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