मालवाहक विमान एएन-32 में शहीद हुए वायुसेना कर्मियों के पार्थिव शरीर डीएनए टेस्ट के बाद उनके परिजनों को सौंपे जाएंगे। अरुणाचल प्रदेश में मौसम खराब होने के कारण राहत कार्य में जुटे सैन्यकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण अभी तक दुर्घटनास्थल से कुछ ही शहीद सैनिकों के शव निकाले जा सके हैं। एएन-32 में सवार फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा के परिजनों की आंख के आंसू सूख गए हैं। हर कोई उनकी आखिरी झलक देखने को बेताब है।
मूलरूप से नेपाल के रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजेश थापा यहां सेक्टर-23 में रहते थे। इस समय उनकी पोस्टिंग जोरहाट, असम में थी। 3 जून को लापता हुए वायुसेना के एएन-32 विमान में राजेश थापा भी सवार थे। बृहस्पतिवार को जैसे ही खबर आई कि विमान में सवार कोई भी सैन्यकर्मी नहीं बचा है तो उनके नाते रिश्तेदारों में मातम छा गया।
इस खबर के बाद से उनकी दादी रामा माया थापा की हालत बिगड़ गई। जिला सैनिक बोर्ड के सचिव मेजर आरके शर्मा ने बताया कि शहीद वायुसेना कर्मियों के पार्थिव शरीर का डीएनए टेस्ट करवाने के बाद उसे परिजनों को सौंपा जाएगा। वहीं मौसम खराब होने के कारण भी बचाव कार्य में परेशानी हो रही है। उम्मीद है कि रविवार को वहां से पार्थिव शरीर रवाना किए जाएं।