मदर डेयरी और अमूल के सैंपल फेल होने के बाद खाद्य विभाग की टीमों ने स्थानीय स्तर पर भी सैंपलिंग शुरू कर दी है।
आगरा में अमूल और मदर डेयरी का सैंपल फेल होने के बाद मुख्यालय ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के स्थानीय अधिकारियों को मार्केट में सप्लाई किए जा रहे प्रोडक्ट की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए हैं।
हालांकि विभाग इसे केवल रूटीन प्रक्रिया बता रहा है, जिसके तहत अमूल और मदर डेयरी के सभी प्रोडक्ट्स की सैंपलिंग होगी।
आगरा में अमूल और मदर डेयरी के दूध के सैंपल फेल हो चुके हैं। इससे पहले मोदीनगर से लिए गए अमूल के दूध में भी डिटरजेंट पाया जा चुका है। जिसके बाद विभाग अलर्ट हो गया।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनीत कुमार का कहना है कि अमूल और मदर डेयरी के काफी उत्पाद की सप्लाई जनपद में है। जिसे देखते हुए विभाग सैंपल भरेगा और उन्हें जांच के लिए भेजेगा।
बाकी कंपनियों के दूध और उससे प्रोडक्ट के भी सैंपल भरे जाएंगे। बुधवार को सीएफएसओ मनोज तोमर के नेतृत्व में एफएसओ भगवत सिंह, रामवीर सिंह और यदुवीर यादव ने सैंपल लिए।
मनोज तोमर ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन से मदर डेयरी के दूध का और मोहननगर से अमूल दूध का सैंपल लिया गया।
इसके साथ ही मोहननगर के आहूजा होटल से पनीर और बेसन का, इंदिरापुरम से पनीर और मसाले का, अर्थला से नारियल तेल का और यहां के बालाजी मिष्ठान भंडार से गुलाब जामुन का सैंपल लेकर जांच को भेजा गया। विजयनगर से आटे के तीन सैंपल लिए गए। कुल 14 सैंपल जांच को भेजे गए हैं।
हमारा दूध पूरी तरह सुरक्षित : मदर डेयरी
दूध में मिलावट की खबरों के बीच मदर डेयरी का दावा है कि उसके दूध की गुणवत्ता पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित है। उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले मदर डेयरी चार स्तर पर दूध की जांच करती है।
दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए प्रबंध निदेशक एस नागराजन ने बताया कि उपभोक्ताओं तक दूध पहुंचाने से पहले उसकी कड़ी जांच होती है। मदर डेयरी अपन उपभोक्ताओं का यकीन टूटने नहीं देगी।
आगरा में मदर डेयरी के दूध के नमूनों में डिटर्जेंट की मिलावट के उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं दवा प्रशासन विभाग (एफडीए) के दावे पर नागराजन ने बताया कि पहली रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी का मामला सामने आया है।