आम्रपाली द्वारा हजारों लोगों को आशियाना न देने पर सुप्रीम कोर्ट बेहद ही गंभीर है। कोर्ट ने बिल्डर से जुड़े 100 से अधिक लोगों के खातों की फॉरेंसिक ऑडिट के लिए ऑडिटरों के नाम तक सुझाने को कहा है।
बृहस्पतिवार को कोर्ट मामले की सुनवाई करेगा। आम्रपाली के 15 रिहायशी प्रोजेक्ट में 46,575 फ्लैट को पूरा करने में करीब 8500 करोड़ रुपये खर्च आएगा। खरीदारों के 2700 करोड़ रुपये बिल्डर ने कहां खर्च कर दिए, इसका भी आम्रपाली को जवाब देना है।
यह होता है फोरेंसिक ऑडिट
फोरेंसिक ऑडिट का मतलब वित्तीय जानकारी की जांच और अदालत में सबूत के रूप में उपयोग के लिए मूल्यांकन है। इसके माध्यम से बिल्डर फर्म और निदेशकों की वित्तीय जानकारी को अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।
इसी रिपोर्ट के आधार पर बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी व लापरवाही का मुकदमा चलेगा।