आम्रपाली समूह की एक और कंपनी अल्ट्रा होम्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड दिवालिया घोषित होने के कगार पर पहुंच गई है। कंपनी के खिलाफ बैंक ऑफ बड़ौदा की याचिका नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने बुधवार को स्वीकार कर ली।
इस कंपनी पर बैंक ऑफ बड़ौदा का 30 करोड़ रुपये का लोन बकाया है। अब एनसीएलटी की ओर से इंटरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) नियुक्त किया जाएगा, जो कंपनी का पूरा काम देखेगा।
आईआरपी के पास कंपनी को उबारने के लिए 270 दिन का वक्त होगा। अगर इस तय अवधि में कंपनी नहीं उबरती है तो फिर इसकी संपत्तियों के नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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बैंक ऑफ बड़ौदा ने एनसीएलटी में इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) के सेक्शन 7 के तहत याचिका दायर की थी और अल्ट्रा होम्स प्राइवेट लिमिटेड पर दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की अपील की थी।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद मामला सुरक्षित रख लिया था। मालूम हो कि आम्रपाली समूह नोएडा-ग्रेटर नोएडा में करीब 40 हजार फ्लैट बना रहा है।