उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया था कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। शीला दीक्षित सरकार के बाद पहली बार शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली की मुख्यमंत्री सहित कई गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ दिल्ली की कानून व्यवस्था पर चर्चा की।
बैठक के संबंध में रेखा गुप्ता ने बताया कि डबल इंजन की सरकार जैसा दूसरे राज्यों में काम कर रही है, अब दिल्ली में भी उसका प्रभाव दिखेगा। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी दिल्ली में छोटे-छोटे मुद्दों पर केंद्र सरकार ने जानकारी मांगी, तत्कालीन सरकार ने सहयोग नहीं किया।
उन्होंने ट्रैफिक जाम, जलभराव और टूटी सड़कों जैसी समस्याओं पर भी चर्चा की और इन समस्याओं के समाधान पर जल्द काम शुरू करने का आश्वासन दिया। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय गैंग के कारण दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को दिक्कत होने के बारे में भी चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि महिला सुरक्षा, शांति समितियों और थाना स्तर पर जिला समितियों के गठन पर भी चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस आउटफिट बनाने, पीडब्ल्यूडी के मुद्दों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विषयों पर भी विस्तृत विमर्श हुआ। गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली वासियों को 100 प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वय से काम किया जाएगा और मासिक बैठकें आयोजित की जाएंगी।
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह बैठक केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए अहम कदम है। उन्होंने बताया कि बैठक में कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई और जल्द ही जमीनी स्तर पर बदलाव दिखाई देंगे।