भाजपा मुख्यालय में शनिवार को अनोखा नजारा था। केंद्रीय गृहमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी सांसदों और पार्टी शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग पर वार्ता की। इस दौरान शाह ने शिक्षक वाले अंदाज में आर्थिक मंदी से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मद्देनजर पार्टी के कार्यक्रमों से जुड़े निर्देश दिए, तो दूसरी ओर सभी सांसद और मुख्यमंत्री विद्यार्थी वाले अंदाज में इन निर्देशों को ध्यानपूर्वक सुनते दिखाई दिए।
मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान शाह के साथ भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों को देश में दिखाई दे रही आर्थिक मंदी से बचाव के लिए कुछ खास कदम उठाने के निर्देश दिए।
बता दें कि सरकारी आंकड़ों के हिसाब से अप्रैल से जून की तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 5 फीसदी पर आ गई है, जो सात साल का सबसे निचला स्तर है। पिछले साल इसी तिमाही के दौरान आर्थिक वृद्धि दर 8 फीसदी आंकी गई थी। सांख्यिकी व कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने इसके लिए निर्माण और कृषि क्षेत्रों के उत्पादन में आई कमी को जिम्मेदार माना है।
सूत्रों के मुताबिक, शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों को इन दो क्षेत्रों को बढ़ावा देने की नीति पर काम करने की सलाह दी है। उधर, पार्टी सांसदों के साथ कांफ्रेंसिंग के दौरान शाह ने उन्हें महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मद्देनजर आयोजित होने वाले पार्टी के कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भाजपा 2 अक्तूबर को गांधी जयंती से 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की जयंती तक कई कार्यक्रमों का आयोजन करेगी, जिन्हें सफल बनाने की जिम्मेदारी पार्टी सांसदों की रहेगी।
उन्होंने सांसदों को खादी को बढ़ावा देने सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगी रोक के बारे में जागरूकता फैलाने का भी निर्देश दिया। साथ ही सांसदों को राष्ट्रपिता के उन विचारों की भी जानकारी दी, जिन्हें भाजपा जन-जन तक पहुंचाना चाहती है।