केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छेड़छाड़ किए गए फर्जी वीडियो मामले में शनिवार को दिल्ली पुलिस ने आपराधिक साजिश की धारा जोड़ ली है। मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती पड़ताल के बाद पुलिस को मामले में आपराधिक साजिश के संकेत मिले हैं, उसके आधार पर 120बी (आपराधिक साजिश) को जोड़ा गया है।
छेड़छाड़ किए हुए वीडियो को सोशल मीडिया पर चलाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कांग्रेस सोशल मीडिया के राष्ट्रीय संयोजक अरुण रेड्डी को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार देर रात उनको जज के समक्ष पेश किया गया, जहां से उनको तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
गत रविवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामले में आईपीसी की धारा 153, 153ए, 465, 469, 171जी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसी मामले में पुलिस ने अरुण रेड्डी की गिरफ्तारी की है। अरुण रेड्डी का एक्स पर स्प्रिट ऑफ कांग्रेस के नाम से अकाउंट है, जिसका संचालन खुद रेड्डी करते हैं।
मामले की जांच कर रहे दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जांच के बाद एफआईआर में आपराधिक साजिश की धारा को जोड़ा गया है। जांच में इसके संकेत मिले हैं। अरुण रेड्डी कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम के प्रमुख सदस्यों में से एक हैं। रेड्डी व अन्य लोगों पर आरोप है कि इन्होंने फर्जी वीडियो को न सिर्फ अपलोड किया बल्कि उसे पार्टी के बाकी सदस्यों को शेयर भी किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रिमांड के दौरान अरुण रेड्डी से पूछताछ शुरू कर दी गई है। आरोप है कि मामला दर्ज होने के बाद अरुण रेड्डी ने अपने मोबाइल से वीडियो को डिलीट कर दिया। उनका मोबाइल कब्जे में लेकर उसे फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा गया है। पुलिस लगातार उनसे पूछताछ कर रही है।
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने फर्जी वीडियो मामले में आईपीसी की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), 153ए (धर्म, नस्ल, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढावा देना), 465 (जालसाजी), 469 (किसी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए जालसाजी) और 171जी (चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से गलत बयान प्रकाशित करना) के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत मामला दर्ज किया है।