कोयल एंक्लेव में चारदीवारी के निर्माण के विरोध में शुक्रवार को किसानों ने फिर हंगामा कर दिया। किसानों ने जीडीए द्वारा कराए जा रहे चारदीवारी के निर्माण को कार्य रुकवा दिया और धरने पर बैठ गए।
किसानों का कहना है कि चारदीवारी से गगन विहार और हर्ष विहार जाने का रास्ता बंद हो जाएगा। किसानों ने जीडीए को तीन दिन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इस दौरान काम बंद नहीं हुआ तो छह जनवरी से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे।
सुबह करीब 11 बजे भोपुरा, पंचशील, कृष्णा विहार कुटी, हर्ष विहार और गगन विहार के किसान कोयल एंक्लेव में किए जा रहे चारदीवारी निर्माण के विरोध में फिर उतर आए।
किसानों ने चारदीवारी बना रहे मजदूरों को भगा दिया गया और जीडीए के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए। धरने का नेतृत्व कर रहे पार्षद बाबू सिंह आर्य ने बताया कि जीडीए किसानों की मांगों को अनसुना कर रहा है।
समझौते के तहत भोपुरा गांव का विकास करने, किसानों को छह प्रतिशत जमीन देने और पीड़ित किसानों को मुआवजा देने की बात हुई थी। मगर अभी तक 20 किसानों को मुआवजा नहीं मिला है।
इसके साथ ही गगन विहार के लिए 25 फुट की सड़क पर समझौते के बावजूद सड़क नहीं दी गई है, जबकि कोयल एंक्लेव में काम तेजी से चल रहा है। चारदीवारी बनाकर गगन विहार और हर्ष विहार जाने का रास्ता बंद किया जा रहा है।
ऐसे में गांव वासियों को परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गई तो छह जनवरी से सभी किसान अनिश्चितकालीन धरने पर चले जाएंगे।
धरने में सरनाम सिंह गौतम, नरेंद्र कसाना, श्रीकेश प्रधान, जयपाल सिंह, पप्पू मुखिया, अनिल कुमार, अजयपाल, महावीर, प्रेमचंद, सतीश, ओमपाल, राजपाल, अजयपाल, गिरिराज, आदि मौजूद रहे।
जीडीए इंजीनियर आरके जयसवाल का कहना है कि गगन विहार के निवासियों को लोनी रोड आने के लिए दो रास्ते दिए जाएंगे और चारदीवारी के किनारे भी 25 फुट चौड़ी सड़क रहेगी। वैकल्पिक रास्ता दिया जा रहा है लेकिन कोयल एंक्लेव के अंदर से रास्ता देना मुमकिन नहीं है।
सड़क पर उतरे उद्यमी
औद्योगिक भूखंडों के रिसेल या ट्रांसफर की स्थिति में प्रदेश शासन ने स्टांप शुल्क में छूट की सुविधा खत्म कर दी है। गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के चेयरमैन हरि ओम चौहान, अध्यक्ष अरुण शर्मा, महासचिव अनिल गुप्ता के साथ उद्यमी नंदलाल, सुनील दत्त कौशिक समेत सैकड़ों की संख्या में उद्यमिया ने बारिश में भीगते हुए विरोध मार्च निकाला।
डीएम ऑफिस पर धरना प्रदर्शन करने के बाद डीएम विमल कुमार शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। उद्यमी अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश शासन ने रिसेल या ट्रांसफर से मिलने वाले औद्योगिक भूखंडों पर मिलने वाली स्टांप शुल्क में मिलने वाली छूट की सुविधा खत्म कर दी है। इससे उद्यमियों को अब महंगे भूखंड मिलेंगे।
नए बिल्डिंग बायलॉज का विरोध
बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन कर एकल यूनिट प्लाट पर बहुमंजिला इमारतों के निर्माण को मंजूरी दिए जाने का विरोध शुरू हो गया है। गोविंदपुरम के पार्षद अनिल चौधरी ने इसका विरोध कर जीडीए वीसी और शासन को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि एकल यूनिट प्लाट पर बहुमंजिला इमारत बनीं तो सीवर सिस्टम ध्वस्त हो जाएगा।