चिड़ियाघर के निदेशक सुनीष बख्शी ने बताया कि पर्यटकों के न आने के बाद से चिड़ियाघर का माहौल काफी शांत हो गया है। ऐसे में पहले के मुकाबले वन्यजीव अब खुद को तनावमुक्त महसूस कर रहे हैं।
यही कारण है कि अधिकतर बाड़ों में वन्यजीव अब पहले से अधिक सक्रिय नजर आते हैं। उन्होंने बताया कि वन्यजीवों के व्यवहार का आकलन करने के लिए चिड़ियाघर ने दो वन्यजीव विशेषज्ञों को को रखा है। जोकि चिड़ियाघर के करीब 1200 वन्यजीवों पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।
इनके साथ चिड़ियाघर के दो बायोलॉजिस्ट भी काम कर रहे हैं। यह प्रतिदिन वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखकर रिकॉर्ड बना रहे हैं। इसमें उनके खाने-पीने व सोने समेत अनेक अन्य गतिविधियों की रिपोर्ट केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण(सीजेडए) को सौंपी जा रही है।