ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत के बाद यहां स्थित अमेरिकी, इजराइली व ईरानी दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने के साथ यहां सीसीटीवी कैमरों से लोगों की आवाजाही पर सख्त नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां कैसे भी हालात से निपटने के लिए सर्तक हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 2012 में दिल्ली में इजराइली राजनयिकों पर बम हमले की साजिश में सुलेमानी हाथ माना जाता है। दिल्ली पुलिस की जांच में भी धमाके के पीछे कुद्स सेना का हाथ सामने आया था। अपने जनरल की मौत के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामनेई व राष्ट्रपति रूहानी से अमेरिका और इजराइल से बदला लेने की धमकी दी है। इसे देखते हुए भारतीय खुफिया एजेंसियों ने दिल्ली के शांति पथ स्थित अमेरिकी और एपीजे अब्दुल कलाम रोड स्थित इजराइली दूतावास पर हमले की आशंका जताई है।
खुफिया इनपुट मिलने पर दिल्ली पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों की शुक्रवार को हुई आपात बैठक में दोनों दूतावासों की सुरक्षा सख्त करने का फैसला किया गया था। शनिवार को अमेरिकी दूतावास पर मौजूद एक सुरक्षाकर्मी ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि यहां सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है। बाहर की सुरक्षा संभाल रही दिल्ली पुलिस की गश्त में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। दूतावास पर दिन-रात विशेष निगरानी रखी जा रही है। यहां आने वालों की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी हो रही है। दूतावास के आसपास किसी को भी फटकने की इजाजत नहीं है।
कमोबेश यही स्थिति इजराइली दूतावास की है। इसके बाहर रुकने की किसी को भी इजाजत नहीं है। पूरी तरह सीसीटीवी कैमरे से लैस दूतावास की बाहरी सुरक्षा में अर्धसैनिक बल तैनात हैं। इन्होंने बताया कि 24 घंटे दूतावास की निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के ऐसे ही विशेष इंतजाम हेली रोड पर स्थित ईरानी दूतावास में दिखे। यहां तैनात दिल्ली पुलिस के जवान विशेष नजर रखे हैं। सीसीटीवी से भी निगरानी रखी जा रही है।