एंबुलेंस के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों का प्रदर्शन मंगलवार को 17वें दिन भी जारी रहा। अब कर्मचारियों ने रोज मुख्यमंत्री आवास से गुरुद्वारा मजनूं का टीला तक पैदल मार्च का निर्णय लिया है। गुरुद्वारे में जाकर वे दिल्ली सरकार और कैट्स प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए अरदास करेंगे।
कैट्स एंबुलेंस स्टाफ यूनियन के अध्यक्ष नरेंद्र लाकड़ा का कहना है कि बीते सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री के सलाहकार के साथ दोबारा बात हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने मांगें रखीं, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है।
यूनियन ने स्थानीय पुलिस को पत्र लिखकर रोज मुख्यमंत्री आवास से गुरुद्वारा मजनूं का टीला तक पैदल मार्च करने की सूचना दे दी है। आरोप है कि गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस नहीं मिल पा रही है। इस कारण उन्हें निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है।
कई महिलाओं की रास्ते में ही डिलीवरी भी हो गई, लेकिन सरकार और कैट्स प्रशासन पर कोई असर नहीं पड़ रहा। उधर, एंबुलेंस कर्मचारियों पर स्वास्थ्य विभाग भी कोई बात नहीं करना चाहता। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने विकल्प निकाल लिया है। जल्द ही दिल्ली में सभी एंबुलेंस दौड़ने लगेंगी।