नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के आंबेडकर नगर अस्पताल में तैनात गार्डों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि इस प्रमाणपत्र को बनवाने में उन पर आर्थिक दबाव डाला जा रहा है। उनका कहना है कि उनकी मासिक आय लगभग 15 हजार रुपये है, जबकि प्रमाणपत्र के लिए 33 से 35 हजार रुपये तक खर्च करने की बात कही जा रही है, जो उनके लिए संभव नहीं है।
गार्डों का कहना है कि वे कई वर्षों से अस्पताल में लगातार काम कर रहे हैं, यहां तक कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने ड्यूटी निभाई, लेकिन अब उनसे निजी सुरक्षा एजेंसी विनियमन अधिनियम से संबंधित प्रमाणपत्र (पासारा) की मांग की जा रही है। धरने में शामिल एक महिला सुरक्षा गार्ड सरिता ने बताया कि पहले भी नौकरी के दौरान उनसे पैसे लिए जाते थे और अब प्रमाणपत्र के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। गार्डों का यह भी कहना है कि हर बार जब अस्पताल में सुरक्षा का नया अनुबंध होता है, तो नई शर्तें लागू कर दी जाती हैं, जिससे लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को परेशानी होती है। प्रदर्शन में शामिल अन्य कर्मचारियों ने भी मांग की है कि वर्षों से काम कर रहे गार्डों की स्थिति को देखते हुए उन्हें राहत दी जाए और अनावश्यक शर्तों से मुक्त रखा जाए।