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Delhi: अमर उजाला संवाद... मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र में जर्जर सड़कें, बुनियादी सुविधाओं का अभाव

Fri, 28 Mar 2025 04:42 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

उद्योगपतियों ने बताया कि उन्हें बारिश के दौरान काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। पानी भरने से फैक्ट्रियों के गोदामों में रखा सामान खराब हो जाता है।
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अपनी समस्याओं को बताते मायापुरी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य - फोटो : प्रशान्त पाण्डेय
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विस्तार
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मायापुरी इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्लॉट मालिक और व्यापारी भारी भारी करों का भुगतान करने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यहां पर प्रवेश करते ही जर्जर सड़कें, दूषित पानी, गंदगी का ढेर और जाम नालियों से बहता सीवर का पानी आपका स्वागत करता है।

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उद्योगपतियों का कहना है कि वे इन समस्याओं को लेकर लंबे समय से संबंधित एजेंसियों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। अमर उजाला संवाद में उद्योगपतियों ने संवाददाता को यहां कि समस्याओं से अवगत कराया।

उद्योगपतियों ने बताया कि बारिश के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे यह एक स्विमिंग पूल जैसा दिखने लगता है। पानी भरने से फैक्ट्रियों के गोदामों में रखा सामान खराब हो जाता है, जिससे उद्योगपतियों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है।
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उद्योगपतियों के अनुसार, इस इलाके में कई फैक्ट्रियां हैं, जहां हजारों लोग कार्यरत हैं। इन सब के बावजूद सुविधाओं पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। स्ट्रीट लाइट न होने के कारण फैक्ट्रियों से बाहर निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। क्षेत्र में झपटमारी की घटनाएं बढ़ रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद खराब बनी हुई है। इसके अलावा, इलाके में अतिक्रमण की गंभीर समस्या है, जिसके कारण जाम की स्थिति बन जाती है, और रात के समय एंबुलेंस तक प्रवेश नहीं कर पाती।

क्षेत्र में विकास कार्य तरह ठप है। जर्जर सड़कें, साफ-सफाई की वजह से बेहद परेशान हैं। शिकायत के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई। -नीरज सहगल

सुरक्षा व्यवस्था बेहद खराब हो गई है। खासकर रात के समय झपटमारी की घटनाएं बढ़ रही हैंैं। प्रशासन को गश्त बढ़ानी चाहिए ताकि अपराधियों पर लगाम लगाई जा सके। -संजीव नरूला
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पानी की गंभीर समस्या है। लोग मजबूरी में खरीदकर पानी पी रहे हैं, जबकि फैक्ट्रियों में पानी की जरूरत टैंकरों से पूरी की जा रही है। -नरेंद्र मारवाह

जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। इससे गोदामों में रखा सामान खराब हो जाता है और करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। -सुधीर कुमार

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