अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स
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कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता रितु फोगाट ने पोस्टर लांच के दौरान कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के साथ बेटे पढ़ाओ का स्लोगन भी होना चाहिए। ताकि बेटे पढ़ें और उनकी महिलाओं के प्रति सोच बदल सके।
मेरी बड़ी बहन बबीता और गीता के समय लोग कहते थे कि लड़कियों से पहलवानी करवाओंगे, लेकिन पापा ने हार नहीं मानी। किसी की नहीं सुनी। इसका नतीजा है कि आज हम बहने इस स्थान पर हैं। हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। लड़कियों ने साबित कर दिया है कि वो किसी से कम नहीं हैं।
रेसलर इंदु चौधरी ने कहा कि लड़कियां बहुत मेहनती होती हैं। अगर उनको अपनों का साथ मिल जाए तो हर कठिनाई को पार कर सकती हैं। मैंने एक दिन में 3 किलो तक वजन कम किया है। हर रोज 7 से 8 घंटे तक प्रैक्टिस करती हूं।
इस दौरान कई डाइट को लेकर मन को मारना पड़ता है। लेकिन कामयाबी के आगे ये कुछ नहीं मायने रखता है। लड़कियों को कभी भी खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए। अमर उजाला का ये अभियान बहुत अच्छा है। मुझे इससे जुड़कर खुशी हुई है।