वीआईपी लिस्ट में शामिल गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर कांग्रेस अमर सिंह को उतार सकती है। मंगलवार देर रात तक इसकी पुष्टि तो नहीं हो सकी, लेकिन सियासी गलियारे में अमर सिंह को प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा गर्म रही।
कांग्रेसी भी मान रहे हैं कि आज नहीं तो कल, हाईकमान ने अमर सिंह को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर ली है।
दरअसल, वोटों के गणित और चुनावी बिसात पर अमर सिंह फिट बैठ रहे हैं। राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) और कांग्रेस में हुए चुनावी तालमेल के लिहाज से भी वो फायदेमंद हैं। इस लोकसभा सीट पर गुर्जर, मुस्लिम, ठाकुर और जाट वोटों की अहमियत देखते हुए कांग्रेस अमर सिंह पर दांव खेलने की जुगत में है।
रणनीतिकारों ने दी है हाईकमान को सलाह
जाटों को ओबीसी में आरक्षण देने के केंद्र के फैसले के बाद कांग्रेस इनसे उम्मीद लगा रही है। बताया जा रहा है कि सीट पर जाट वोट ज्यादा तो नहीं हैं, लेकिन उलटफेर के लिए पर्याप्त हैं। उधर, गुर्जर और ठाकुर वोटों में भी ज्यादा अंतर नहीं है।
अमर सिंह को अगर ठाकुर वोटों का फायदा मिलता है, तो ये वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं। आरएडली और कांग्रेस दोनों ही अमर सिंह को उपयुक्त उम्मीदवार मान रही हैं, जो दूसरे प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
पिछले लोकसभा चुनावों में कांग्रेस इस सीट पर चौथे नंबर पर थी, जिसे देखते हुए कांग्रेस रणनीतिकारों ने भी हाईकमान को सलाह दी है। सीट अगर आरएलडी को भी दे दी जाए, तो नुकसान कोई नहीं है।
चार महीने पहले ही तय हो चुका था नाम!
दरअसल, गौतमबुद्ध नगर सीट पर वोटों का समीकरण देखकर दूसरी पार्टियां पर भी अमर सिंह पर दांव आजमाने की सोच रही हैं। इसलिए कांग्रेस ने चार महीने पहले ही अमर सिंह के नाम पर मंथन शुरू कर दिया था।
कांग्रेस नोएडा महानगर अध्यक्ष कृपाराम शर्मा बताते हैं कि करीब चार माह पहले ही कांग्रेस हाईकमान से सपा के पूर्व नेता अमर सिंह को गौतमबुद्ध नगर से प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर सुझाव मांगा गया था।
उनका कहाना है कि स्थानीय संगठन ने फीडबैक में यही कहा था कि अगर आरएलडी और कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी के रूप में राज्य सभा सांसद अमर सिंह को मैदान में उतारा जाता है, तो यह फैसला सही होगा। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी इसका खंडन कर रहे हैं।
बाकी दलों से कौन है चर्चा में?
पर समाजवादी पार्टी से नरेंद्र सिंह भाटी और बसपा के मौजूदा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर का नाम तय है। गुर्जर जाति के ये दोनों नेता कद्दावर माने जाते हैं।
उधर, गाजियाबाद से सांसद राजनाथ सिंह के लखनऊ से चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बीच, गौतमबुद्ध नगर की स्थिति भी साफ होती जा रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे और मौजूदा नोएडा विधायक डॉ. महेश शर्मा के भाजपा से प्रत्याशी बनने की पूरी संभावना है।
दो गुर्जर नेताओं और बीजेपी के डॉ. महेश शर्मा की लड़ाई के बीच अमर सिंह पर दांव लगाना कांग्रेस के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। अगर समीकरण ऐसे ही बनते हैं, तो इस वीआईपी सीट पर कांटे की टक्कर तय है।