सूत्रों के अनुसार मल्ला के पास बेचने के लिए कोई गाय थी ही नहीं। मल्ला की पत्नी हारूनी ने पुलिस को बताया कि उनके पास एक गाय थी, जो चार-पांच महीने पहले ही बेच दी थी, अब बस एक बछिया ही है।
इधर, सन्ने खान की पत्नी मनसीदा ने भी पुलिस को बताया कि उनके पास एक ही गाय है और उन्होंने भी किसी को कोई गाय नहीं बेची। रकबर व असलम से बरामद गायों को रामगढ़ की सुधासागर गौशाला में रखा गया है। गौशाला संचालकों ने बताया कि गाय दुधारू हैं ही नहीं और बहुत कमजोर भी हैं।
गौरतलब है कि पुलिस को रकबर खान के खिलाफ पुराना आपराधिक रिकार्ड मिला है। अलवर के नौगांवा थाना क्षेत्र में रकबर के खिलाफ गौ संरक्षण अधिनियम के तहत दिसंबर 2014 को दर्ज एक मामले में दो गाएं बरामद की गई थीं।
जांच समिति में शामिल विशिष्ठ पुलिस महानिदेशक एनआरके रेड्डी के अनुसार मामला बहुत अधिक तूल पकड़ चुका है और जांच भी जारी है, इस बारे में ज्यादा नहीं बोल सकता।
जांच में देखा जा रहा है कि रकबर और असलम ने साढे़ तीन वर्षीय और साढे़ छह वर्षीय गायों को कानूनी रूप से खरीदा था या नहीं। उन्होंने बताया कि असलम ने कहा है कि वे दूध देने वाली गाय खरीद कर गांव ले जा रहे थे, इसकी भी पुष्टि की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि गायों को रात के समय जंगल से होकर पैदल क्यों ले जाया जा रहा था।
पुलिस जांच में रकबर और असलम के बयान तथ्यहीन पाए जाने से ये स्पष्ट है कि दोनों गो-तस्करी ही कर रहे थे। मैने गृहमंत्री को आज पत्र लिखकर असलम को गोतस्करी के आरोप में शीघ्र गिरफ्तार करने और निर्दोष ग्रामीणों को मुक्त करने की मांग की है।- ज्ञानदेव आहूजा, विधायक, रामगढ़