ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक और हिंसा भड़काने के आरोपी मोहम्मद जुबैर की शनिवार को चार दिन की रिमांड पूरी होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां दिल्ली पुलिस को जुबैर की 14 दिन की न्यायिका हिरासत मिल गई है। शनिवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। मोहम्मद जुबैर के वकील ने उसकी जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने मोहम्मद जुबैर के खिलाफ दर्ज एफआईआर में तीन नई धाराएं- आईपीसी की 201 (सबूत नष्ट करने- फोन को फॉर्मेट करने और ट्वीट डिलीट करने), 120-बी (आपराधिक साजिश) और एफसीआरए की 35 जोड़ दी हैं।
पुलिस ने एफआईआर में विदेशी अनुदान (नियमन) अधिनियम 2010 की धारा जोड़ते हुए आरोप लगाया है कि मोहम्मद जुबैर के मामले में साजिश रची गई और सबूतों को नष्ट किया गया। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी को विदेशों से डोनेशन मिला है।
जुबैर को 27 जून को दिल्ली पुलिस ने एक ट्वीट के जरिए धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसी दिन निचली अदालत ने एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। एक दिन की हिरासत में पूछताछ के बाद अदालत में पेश किए जाने पर मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने उसकी हिरासत चार दिनों के लिए बढ़ा दी थी।
उधर, जुबैर के बैंक खाते में करीब चार हजार से ज्यादा लोगों ने 55 लाख रुपये भेजे हैं। दिल्ली पुलिस ने मोहम्मद जुबैर की जो बैंक खाते की डिटेल निकलवाई है उससे ये खुलासा हुआ है। बैंक खाते में करीब चार हजार से ज्यादा एंट्री हैं। लोगों ने एक हजार से लेकर कई हजार रुपये भेजे हैं। दिल्ली पुलिस जांच कर रही है कि पैसे भेजने वाले लोग कौन हैं और कहां-कहां से पैसा भेजा गया है। स्पेशल सेल की आईएफएसओ के पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोहम्मद जुबैर के बैंक खाते में पैसे यूपीआई, ई-वॉलेट, कार्ड व इंटरनेट बैंकिंग के जरिए भेजे गए हैं।
आईएफएसओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक ने ऑल्ट न्यूज की वेबसाइट पर एक पेज बना रखा है। इस पेज पर लोगों से डोनेशन की मांग की है। वेबसाइट पर ये भी लिखा हुआ है कि जो डोनेशन देगा उस राशि पर इनकम टैक्स नहीं लगेगा। दिल्ली पुलिस उन बैंक खातों की जांच कर रही है कि जिनसे उनके बैंक खाते में पैसा आया है।