अपराध शाखा की साइबर सेल के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि पीड़ित ने 30 नवंबर, 2022 को शाखा में शिकायत दी थी कि उन्हें राहुल शर्मा नाम के एक यूट्यूब कर्मचारी ने एक फोन किया। कॉल करने वाले ने शिकायतकर्ता का एक आपत्तिजनक वीडियो होने का दावा करते हुए उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी ने सोशल मीडिया पर इसे जारी होने से रोकने के लिए पैसे की मांग की। पुलिस को जांच में पता लगा कि राहुल शर्मा. संदीप अग्रवाल (पहले गिरफ्तार) के एजेंट के रूप में काम कर रहा था। पीड़ित ने प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के डर से शिकायतकर्ता ने शुरू में अलग-अलग बैंक खातों में 3,61,000 ट्रांसफर कर दिए। इस तरह पीड़ित ने आरोपी को 25 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए।
पता लगा कि साहिद राहुल शर्मा बनकर ठगी कर रहा है। पुलिस टीम ने नूंह, हरियाणा और भरतपुर, राजस्थान में ठिकानों पर विभिन्न छापे मारे। इसके अलावा, तकनीकी निगरानी पर आरोपी की मौजूदगी यमुना नगर, हरियाणा में पाई। टीम ने आरोपी थलचाना, जिला-भरतपुर, राजस्थान साहिद (27) उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर ले रखा है।
संपर्क में आने के बाद करने लगा उगाही
हरियाणा के नूंह के गोकुलपुर के एक सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा तक पढ़ाई करने वाला साहिद वर्ष 2022 में अपने कुछ परिचितों के साथ कन्नौर, जयपुर, राजस्थान निवासी वसीम नामक व्यक्ति के संपर्क में आया। वसीम एक सेक्सटॉर्शन गिरोह से जुड़ा था, जिसका नेतृत्व माजिद नामक व्यक्ति करता था। आर्थिक लाभ की चाह में साहिद गिरोह में शामिल हो गया।
अलग-अलग पहचान बनाई
जबरन वसूली की योजना को अंजाम देने के लिए साहिद ने अलग-अलग पहचान बनाई। कभी-कभी वह खुद को यूट्यूब से राहुल शर्मा बताता था, तो कभी क्राइम ब्रांच, दिल्ली पुलिस से इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार होने का दिखावा करता था। पिछले कई महीनों में आरोपी सैकड़ों लोगों से जबरन वसूली कर चुका है।