विवादित कथित मस्जिद की सील तोड़ने का आरोपी
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जिला प्रशासन द्वारा शीतला कॉलोनी में करीब एक वर्ष पूर्व सील की गई कथित मस्जिद का मामला एक बार फिर गरमा गया है। रविवार दोपहर तीन लोगों ने सील और ताला तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के बजाय आरोपी से माफीनामा लिखवाकर मामले को रफा-दफा कर दिया है। इसको लेकर स्थानीय लोगों व हिंदू संगठनों में रोष है।
मुस्लिम समुदाय ने शीतला कॉलोनी के एक घर को मस्जिद का रूप दे दिया था। सैकड़ों लोग नमाज अदा करने आते थे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को शिकायत की तो करीब एक साल पहले कथित मस्जिद को सील कर दिया था। इसको लेकर कई दिनों तक विवाद भी चला था। मामला शांत होने के करीब 10 महीने बाद एक बार फिर रविवार दोपहर को मामला तूल पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग दंपती व एक अन्य व्यक्ति ने प्रशासन द्वारा लगाई गई सील व ताले को तोड़ दिया और अंदर प्रवेश कर गए।
आसपास रहने वाले लोगों ने ताला टूटा देखा तो वे मौके पर एकत्रित हो गए और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही व्यक्ति व बुजुर्ग की पत्नी फरार हो गए। पुलिस ने मौके से बुजुर्ग को हिरासत में ले लिया, जिसकी पहचान मूल रूप से गढ़ मुक्तेश्वर निवासी मोहम्मद अख्तर के रूप में हुई। पूछताछ में अख्तर ने बताया कि वह शीतला कॉलोनी में ही रहता है और पत्नी रिहाना के साथ कथित मस्जिद में नमाज अदा करने गया था।
इस दौरान विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जिला प्रशासन व कोर्ट के आदेशों को दरकिनार करके सील तोड़ने पर रोष जाहिर किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप है, पुलिस ने कार्रवाई के बजाय आरोपी से माफीनामा लिखवाया और छोड़ दिया है। पुलिस इस मामले में कार्रवाई करने से बच रही है।
थाना प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। संगठन के पदाधिकारी व शीतला कॉलोनी के निवासियों की तरफ से शिकायत दी गई है। उस पर उचित कार्रवाई की जा रही है।