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हॉस्टल के खाने में मिले कीड़े-कॉकरोच: जेएनयू की छात्राओं ने खोली मेस की पोल, दूषित पानी पर भी उठाए सवाल

Sun, 27 Sep 2026 10:00 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

छात्राओं की शिकायत के अनुसार मेस में भोजन की गुणवत्ता बद से बदतर होती जा रही है। भोजन में कीड़े और कॉकरोच मिलना आम बात हो गई है। पीने के पानी की स्थिति चिंताजनक है। 
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खाने में मिले कीड़े - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के शिप्रा हॉस्टल की छात्राओं ने मेस में खराब गुणवत्ता का खाना परोसने का आरोप लगाया है। छात्राओं का आरोप है कि खाने में कीड़े और कॉकरोच मिलना आम हो गया है। इस संबंध में हॉस्टल की छात्राओं ने वरिष्ठ वार्डन को शिकायत पत्र भेजा है। साथ ही जेएनयू के अंतर छात्रावास प्रशासन को भी तस्वीरों के साथ पत्र लिखा गया है।

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'खाने में कीड़े और कॉकरोच मिलना आम बात'
छात्राओं की शिकायत के अनुसार मेस में भोजन की गुणवत्ता बद से बदतर होती जा रही है। भोजन में कीड़े और कॉकरोच मिलना आम बात हो गई है। पीने के पानी की स्थिति चिंताजनक है। वाटर कूलर कई दिनों तक सूखे रहते हैं या काम नहीं करते हैं। उनमें से अत्यधिक दूषित और दुर्गंधयुक्त पानी आता है। हॉस्टल के शौचालयों, गलियारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। शिकायत में दावा किया गया है कि इन परिस्थितियों के बीच कई छात्राएं पेट के संक्रमण, उल्टी और तेज बुखार से परेशान हैं। एक छात्रा में टाइफाइड की पुष्टि होने और कुछ अन्य छात्राओं के जलजनित बीमारियों की जांच कराने का भी उल्लेख किया है।
 

छात्राओं ने की तत्काल निरीक्षण की मांग
छात्राओं ने सभी वाटर कूलरों की तत्काल मरम्मत और सफाई, सुरक्षित पेयजल के लिए आरओ फिल्टर, 24 घंटे पानी की उपलब्धता और हॉस्टल परिसर की नियमित गहन सफाई की मांग की है। उन्होंने वरिष्ठ वार्डन से हॉस्टल का निरीक्षण कर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है। अगर उन्हें साफ-सुथरा खाना नहीं मिलता है तो मेस बंद हो जानी चाहिए। मेस सचिव की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए है। साथ ही जल्द जीबीएम बुलाने की मांग की गई है।
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दूसरे हॉस्टल की मेस को लेकर सवाल
वहीं एक छात्र ने कहा कि जेएनयू में जीना दूभर हो गया है। जेएनयू प्रशासन मुद्दों को नजरअंदाज कर रहा है। कावेरी, शिप्रा, कोयना सहित कई दूसरे हॉस्टल की मेस में कई बार खाने में कीड़े पाए गए है। मेस प्रशासन से शिकायत करता है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है। हॉस्टल में पानी समय से नहीं आता है। नहाने के समय पानी नहीं होता है। शौचालयों की सफाई नहीं होता है। हॉस्टल परिसर भी गंदा रहता है। खबर लिखे जाने तक इस संबंध में जेएनयू के डीन छात्र कार्यालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
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