गुड़गांव के एक व्यक्ति ने दिल्ली की एक भोजन वितरण कंपनी पर अपने खाद्य पदार्थों का भ्रामक व गलत विज्ञापन देने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि कबाब और इसी तरह के अन्य खाद्य पदार्थों को अन्य शहरों के प्रतिष्ठित रेस्तरां से गर्म किया जाएगा। यह तथ्य भ्रामक और गलत है। सिविल जज उमेश कुमार ने याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 मार्च की तारीख तय की है।
निषेधाज्ञा और एक लाख के हर्जाने के लिए क्लास एक्शन सूट वादी सौरव मॉल द्वारा दायर किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी की योजना भ्रामक थी। इस योजना के अनुसार भोजन वितरण कंपनी का दावा है कि वह विभिन्न शहरों में प्रतिष्ठित रेस्तरां से गर्म भोजन वितरित करेगी, जिसे उपभोक्ता के शहर में पहुंचाया जाएगा। याचिका में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि भोजन वितरण कंपनी के सीईओ दीपिंदर गोयल के एक ब्लॉग पोस्ट में सेवाओं का विज्ञापन इस प्रकार किया गया है।
यदि आप अपने प्रिय शहर से किसी खाद्य पदार्थ मंगाने की इच्छा रखते हैं वह उड़ान में सवार होकर अगले ही दिन आप तक पहुंच जाएगा। ब्लॉग पोस्ट में दावा किया गया कि भोजन रेस्तरां द्वारा ताजा तैयार किया जाएगा। 14 अक्तूबर 2023 को शिकायतकर्ता ने कंपनी के सेवा के तहत खाना ऑर्डर किया था। जब उन्होंने डिलीवरी पार्टनर को ट्रैक करने की कोशिश की तो उन्हें पता चला कि खाना रेस्तरां से नहीं बल्कि किसी तीसरे पक्ष के स्थान से उठाया गया था।