दिल्ली हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को निर्णय लिया कि शुक्रवार से हाईकोर्ट की सभी पीठ जरूरी मामलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के जरिये करेंगी। लॉकडाउन के दौरान हाईकोर्ट और निचली अदालतों ने 24 मार्च से 19 मई तक 20726 महत्वपूर्ण मामलों की वीडियो कांफ्रेंस के जरिये सुनवाई की।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और अन्य न्यायाधीशों ने इस संबंध में निर्णय लिया। इस निर्देश के तहत 22 मई से सभी खंडपीठ और एकल पीठ लॉकडाउन समाप्त होने तक जरूरी मामलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के जरिये करेंगी।
इस संबंध में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय से जारी नोट के अनुसार, पीठ सभी कार्यदिवस के दौरान रोज बैठेंगी। अभी तक उच्च न्यायालय की खंडपीठ और 10 एकल न्यायाधीशों की पीठ महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करती रही थी, लेकिन इसके लिए न्यायाधीश बारी-बारी से पीठ में बैठते थे। इस समय अदालत में सात खंडपीठ और 19 एकल न्यायाधीश की पीठ हैं।
संगीता धींगरा सहगल ने दिया इस्तीफा
दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायाधीश संगीता धींगरा सहगल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निबटान आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिसके चलते उन्होंने अपने वर्तमान पद से इस्तीफा दिया है। अब वह अपना नया पदभार संभालेंगी।
हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष है। कानून एवं न्याय मंत्रालय की एक अधिसूचना के अनुसार न्यायमूर्ति सहगल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से त्याग पत्र दे दिया है।
दिल्ली सरकार द्वारा 28 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार न्यायमूर्ति सहगल की नियुक्त पांच साल अथवा 67 वर्ष की आयु होने, इनमें से जो भी पहले हो, तक के लिए बढ़ा दी गई है।
नया पदभार संभालने के बाद भी न्यायमूर्ति सहगल को उच्च न्यायालय के पीठासीन न्यायाधीश को मिलने वाला वेतन, भते ओर अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। न्यायमूर्ति सहगल इसी वर्ष जून में सेवानिवृत होने वाली थीं, लेकिन अब उनका कार्यकाल और पांच साल बढ़ गया है।