प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि शहर का क्षैतिज विकास की जगह लंबवत विकास होना चाहिए। ताकि सीलिंग, बिजली, पानी की समस्या उत्पन्न नहीं हो। मास्टर प्लान में हमने कई प्रावधान किए थे। केंद्र की यूपीए सरकार ने मास्टर प्लान में जो संशोधन किया है वह काफी है। इसे लागू करने की आवश्यकता है। रिहायश की जगह कमर्शियल गतिविधियों के बगैर मुश्किल होता है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि इस महीने सीलिंग की समस्या का समाधान निकलेगा। केंद्र सरकार टास्क फोर्स का गठन कर रही है। सुप्रीम कोर्ट से नरम रुख अपनाने का आग्रह किया गया है। तिवारी ने माकन से सीलिंग मसले पर बैठक करने का आग्रह किया। कहा कि वह अनुभवी हैं मिलकर रास्ता निकाल लेंगे। दो दिन बाद सीलिंग से राहत के लिए दोनों नेता मिलेंगे।
दक्षिणी दिल्ली की मेयर कमलजीत सेहरावत ने भी मौजूद व्यापारियों को सीलिंग से राहत देने का आश्वासन दिया। हालांकि अमर कॉलोनी व अन्य जगहों से पहुंचे व्यापारियों ने विरोध भी दर्ज किया। सर्वदलीय बैठक में व्यापारियों ने राजनीतिक पार्टी के नुमाइंदों से पूछा कि सीलिंग के बारे में उनके दल का दृष्टिकोण क्या है। दिल्ली में सीलिंग रोकने का फार्मूला क्या है। व्यापार संसद में यह भी कहा गया की यह मामला केवल 8-10 लाख व्यापारियों का नहीं है बल्कि उन पर आश्रित करीब 40 लाख कर्मचारी और उनके परिवारों का भी है। हालांकि सीलिंग को लेकर अब व्यापारी बंटने लगे हैं।
पुरानी दिल्ली के कई व्यापारियों का कहना है कि बैठक, रैली, सर्वदलीय बैठक, विरोध-प्रदर्शन से कुछ नहीं होने वाला है। अब व्यापारियों को ठोस परिणाम चाहिए। बता दें कि कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व चैंबर ऑफ ट्रेडर्स एसोसिएशन पहले से ही अलग-अलग सुर अलाप रहे है। एक मंच पर आकर सीलिंग का विरोध करने को दोनों संगठन तैयार नहीं होते।