नए सत्र के साथ ही फीस का मुद्दा गर्म होता जा रहा है। अब अभिभावक स्कूलों की मनमानी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसका असर अभी से दिखने लगा है। अभिभावकों का कहना है कि अगर फीस को लेकर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तो चुनाव पर इसका असर देखने को मिलेगा। नए सत्र शुरू होने से पहले अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी फीस को लेकर रिजल्ट चाहते हैं। इसको लेकर ऑल नोएडा पैरंट्स एसोसिएशन गाजियाबाद के अभिभावकों के साथ मीटिंग करने जा रहा है।
निजी स्कूलों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस बार भी कई स्कूलों ने फीस बढ़ा दी है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में बच्चे की पढ़ाई के लिए मोटी फीस दे रहे हैं, इसके बावजूद भी स्कूल प्रबंधक से अपनी बात रखने के लिए नहीं मिल सकते हैं। स्कूलों के बाहर जाकर खड़े हो जाते हैं। लेकिन हमारी कोई नहीं सुनता है। हर साल ऐसा ही होता है। ऐसे में अगर अब भी सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो चुनाव में इसका असर दिखेगा।
ऑल नोएडा पैरंट्स एसोसिएशन के महासचिव के अरुणाचलम ने बताया कि फीस रेग्युलेटरी एक्ट को लागू हुए करीब एक साल हो जाएगा। उसके बाद भी स्कूल एक्ट को नहीं मान रहे हैं। ऐसे में एक्ट का क्या फायदा है। अभी भी स्कूल लगातार फीस बढ़ाए जा रहे हैं।
इस सत्र में अभी से 4 स्कूलों ने फीस बढ़ा दी है। इसमें से दो स्कूलों की शिकायत डिस्ट्रिक्ट फीस रेग्युलेटरी कमिटी के पास जा चुकी है। अभी दो स्कूलों की शिकायत तैयार की जा रहा है। इन स्कूलों ने 25 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी है। इसलिए हम सभी अभिभावकों एकत्र कर रहे हैं।
हर साल स्कूल फीस के नाम पर अभिभावकों को परेशान करते हैं। इसलिए एसोसिएशन ने फैसला किया है कि वो सभी पैरंटस की मांग को सरकार तक पहुंचाएगी। अगर सरकार फीस के मुद्दे पर कुछ नहीं करेगी तो इसका असर चुनावों में दिखेगा। नोएडा के अलावा गाजियाबाद के अभिभावकों को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।