दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पूरे उत्तर भारत में वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना समेत चार आरोपियों को दबोचा है। अब तक गैंग के सात बदमाश गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सरगना सारिक साटा पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख और संभल, यूपी पुलिस ने 20 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। इसके खिलाफ 43 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दस मामलों में भगोड़ा घोषित है। गिरोह के कब्जे से चोरी के 51 वाहन बरामद किए गए हैं। इनमें से ज्यादातर लग्जरी कारें हैं।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि गिरोह दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, यूपी, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, मुंबई, कर्नाटका, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देता था। शाखा की इंटरस्टेट सेल में तैनात इंस्पेक्टर नीरज चौधरी की टीम ने इसका भंडाफोड़ किया है। टीम ने चार अगस्त को गिरफ्तार कालिया उर्फ सफरूद्दीन उर्फ सफर उर्फ शानू (29) की निशानदेही पर कार्रवाई कर गिरोह के दो और बदमाश मोगा, पंजाब निवासी तीरथ और नवीन को 16 सितंबर, को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 11 लग्जरी कारें बरामद की गईं थीं।
आरोपियों ने खुलासा किया था कि सारिक गिरोह सरगना है। इसके बाद पुलिस ने दस अक्तूबर को मजिस्द वाली गली, दीपा सराय संभल, यूपी निवासी सारिक (47) को निजामुद्दीन इलाके से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद फुरकन शेख उर्फ मुंमईया को 24 अक्तूबर को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया। इसकी निशानदेही पर पुलिस ने सागीर अहमद और गांव जाहिदपुर, थाना खरखौदा जिला मेरठ यूपी निवासी सिकंदर उर्फ सलीम को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से दिल्ली, एनसीआर, मुरादाबाद, काशीपुर (उत्तराखंड), अहमदाबाद (गुजरात), मुंबई, मीरा रोड व कोल्हापुर(महाराष्ट्री) और बैंगलौर (कनॉटक) और पंजाब से 32 कारें बरामद की हैं।
सारिक वर्ष 2001 से चुरा रहा है कारें
सारिक वर्ष 2001 से कार चोरी जैसे वारदात में शामिल रहा है। गिरोह के बदमाश इसकी डिमांड पर कार चोरी करते थे। इसके बाद आरोपी फर्जी कागजात बनवाकर कारों को बेच देता था। सागीर अहमद हुंडई क्रेटा कार को कोड स्कैनर के जरिए चुराने मे एक्सपर्ट था। मूलरूप से मुरादाबाद यूपी निवासी फुरकन 20 वर्ष से मुंबई में रह रहा है। सागीर अहमद के खिलाफ 19, सिकंदर के खिलाफ नौ और सारिक केखिलाफ 43 मामले दर्ज हैं। फुरकन पहली बार गिरफ्तार हुआ है।