रेल अधिकारियों के मुताबिक, एप विकसित करने पर काम शुरू हो गया है। इसे पूरी तरह तैयार होने में करीब तीन साल का वक्त लगेगा। इस पर खर्च करीब 90 करोड़ रुपये का होगा। सुपर एप नाम के इस अत्याधुनिक एप में यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रख कर बनाया जा रहा है। इसका उपयोग सरल होगा और यह विभिन्न भाषाओं में होगा। ताकि सभी लोग इसका इस्तेमाल आसानी से कर सके।
आइआरसीटीसी के एप से होती है सबसे ज्यादा टिकट बुकिंग
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में आइआरसीटीसी रेल कनेक्ट एप का इस्तेमाल 10 करोड़ से अधिक लोग करते हैं। रेल की 80 प्रतिशत से अधिक टिकट की बुकिंग इसी एप से होती है। इसे नौ अगस्त, 2002 को शुरू किया गया था। इस सेवा के पहले दिन 27 टिकट बुक हुई थी। इसके साथ ही अनारक्षित टिकट बुकिंग के लिए यात्रियों को रेलवे का अलग यूटीएस मोबाइल एप डाउन लोड करना पड़ता है। इसके एक करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। इस एप से प्लेटफार्म टिकट के अलावा पास भी बुक करने की सुविधा मिलती है।
प्रमुख रूप से प्रचलित एप
- नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस)- ट्रेन की स्थिति की जानकारी।
- रेल मदद- ट्रेन व स्टेशन पर उपलब्ध सुविधा से संबंधित शिकायत व सुझाव।
- रेल सारथी-ट्रेन में उपलब्ध सुविधा से संबंधित शिकायत।
- आइआरसीटीसी ई कैटरिंग फूड आन ट्रैक-यात्रा के दौरान ऑनलाइन खानपान सुविधा।
- आइआरसीटीसी टूरिज्म-पर्यटक ट्रेन व अन्य सुविधा।
- आइआरसीटीसी एयर- विमान टिकट बुकिंग की सुविधा।