सफर के मुताबिक, शनिवार को पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड व पड़ोसी राज्यों में 3780 मामले पराली जलाने के रिकार्ड किए गए। शुक्रवार को यह संख्या 4528 थी। हालाकि, दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा में पराली के धुएं के कारण पीएम2.5 कणों का हिस्सा रविवार को 29 फीसदी रहा, जबकि पांच नवंबर को यह 42 फीसदी तक चला गया था। शनिवार को यह 32 फीसदी था।
आगरा रहा देश का सबसे प्रदूषित शहर, गाजियाबाद दूसरे पर
सीपीसीबी के डाटा के हिसाब से रविवार को आगरा देश का सबसे प्रदूषित शहर आंका गया, लेकिन दूसरे नंबर पर एनसीआर का गाजियाबाद मौजूद था। सीपीसीबी की तरफ से जारी देश के 111 शहरों के एक्यूआई में आगरा का सूचकांक 458 रिकार्ड किया गया। वहीं, गाजियाबाद का एक्यूआई 456 अंक रहा। टॉप दस प्रदूषित शहरों में एनसीआर के सभी शहर शामिल रहे। सीपीसीबी की लिस्ट में सबसे स्वच्छ हवा मेघालय की राजधानी शिलांग की है। वहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 19 पर रिकार्ड किया गया है। दिलचस्प यह कि 111 शहरों में सिर्फ पांच शहरों कन्नून, एल्लोर, तिरुवंतपुरम और चिकबल्लापुर की हवा अच्छे स्तर पर यानी 50 से नीचे एक्यूआई वाली है।
एनसीआर के सबसे प्रदूषित शहर
गाजियाबाद 456
ग्रेटर नोएडा 440
गुरुग्राम 434
नोएडा 428
फरीदाबाद 426
दिल्ली 416
देश के सबसे प्रदूषित शहर
आगरा 458
गाजियाबाद 456
भिवाड़ी 445
ग्रेटर नोएडा 440
कानपुर 436
बुलंदशहर 435
गुरुग्राम 434
(एक्यूआई, सीपीसीबी के मुताबिक शाम 4 बजे)