राजधानी में मौसम बदलने के साथ ही मच्छर जनित बीमारियों के मामले बढ़ने लगे हैं। पिछले सप्ताह मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के 157 नए मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे अधिक डेंगू के 81, मलेरिया के 61 और चिकनगुनिया के 15 मामले शामिल हैं।
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एमसीडी के अनुसार, इस साल दिल्ली में डेंगू के 840, मलेरिया के 431 और चिकनगुनिया के 75 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 707 डेंगू और 415 मलेरिया के मामले सिर्फ एमसीडी क्षेत्रों से दर्ज किए गए हैं जबकि एनडीएमसी, दिल्ली कैंटोनमेंट और रेलवे से कुल 140 मामलों की जानकारी मिली है। मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए एमसीडी की एंटी-मलेरिया टीमें लगातार सक्रिय हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह एमसीडी कर्मियों ने 6.36 लाख से अधिक घरों की जांच की और 3.29 लाख घरों में स्प्रे किया। इसी अवधि में 6,354 घरों में मच्छरों के लार्वा पाए गए जबकि 4,053 को नोटिस जारी किए गए और 822 मामलों में अभियोजन की कार्रवाई की गई। इस साल 2.15 लाख घरों में लार्वा मिल चुका है।
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ऐसे में 1.41 लाख नोटिस और 27,500 अभियोजन की कार्रवाई हो चुकी है। सितंबर के बाद मौसम में बदलाव और पानी जमा होने के बढ़ते मामलों से डेंगू व मलेरिया संक्रमण बढ़ गया है। बारिश के बाद की स्थिति मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे अनुकूल होती है इसलिए लोगों को घरों और आसपास पानी के जमाव से बचाव की सख्त जरूरत है। एमसीडी ने नागरिकों से अपील की है कि वे हर हफ्ते ड्राई-डे मनाएं यानी घर और परिसर में जमा पानी को खाली करें और गमलों, कूलरों, छतों या पुराने टायरों में पानी न ठहरने दें।