देश की राजधानी वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। जहरीली हवा ने सांस लेना भी दूभर कर दिया है। ऐसे में बच्चों व बुजुृर्गाें को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 353 दर्ज किया गया जो रेड जोन यानी हवा की बेहद खराब श्रेणी है। कई जगहों पर एक्यूआई 400 को पार कर गया। मंगलवार को एक्यूआई 351 दर्ज किया गया था और आज सुबह ITO का AQI रहा 353 दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शनिवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी रहेगी। इस कारण सांस के मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन हो सकती है। बुधवार को अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 2500 मीटर रही। इसके अलावा वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। नेहरू नगर समेत तीन इलाकों में एक्यूआई गंभीर और 33 इलाकों में एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया।
पांच साल में सबसे ज्यादा खराब पीएम 2.5
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, दिवाली के बाद दिल्ली की एयर क्वालिटी तेजी से खराब हुई है। शहर के पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) का लेवल पांच साल में सबसे ज्यादा खराब हो गया है। दिवाली के बाद 24 घंटों में पीएम 2.5 का औसत सांद्रता 488 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया जो त्योहार से पहले के लेवल 156.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से तीन गुना से भी ज्यादा है। 2021 से 2025 के समय को कवर करने वाले विश्लेषण से पता चला है कि दिवाली की रात और अगली सुबह पीएम 2.5 की भागीदारी लगातार बढ़ती रही है। 2025 में दिवाली के बाद 488 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की रीडिंग दर्ज हुई। यह आंकड़ा साल 2021 के बाद से सबसे अधिक प्रदूषण दर्शाने वाला है। पिछले वर्षों में औसत पीएम 2.5 का लेवल 2021 में 163.1 से बढ़कर 454.5, 2022 में 129.3 से बढ़कर 168, 2023 में 92.9 से बढ़कर 319.7 और 2024 में 204 से बढ़कर 220 हो गया।
आंकड़ों को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति
दिल्ली के एक्यूआई आंकड़ों को लेकर लोगों में भ्रम पैदा हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) कई क्षेत्रों में एक्यूआई को 400 से नीचे बता रहा है लेकिन आईक्यूएयर जैसे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्मों ने इन क्षेत्रों में यह स्तर 2,000 से अधिक दर्ज किया है। उदाहरण के लिए दिवाली की रात 12:30 बजे सिरी फोर्ट में सीपीसीबी ने 272 एक्यूआई दर्ज किया जबकि आईक्यूएयर ने 2,449 दर्ज किया। इस जबरदस्त अंतर ने दिल्लीवासियों को हैरान कर दिया है। यह असमानता दिल्ली-एनसीआर में वास्तविक एक्यूआई को लेकर अनिश्चितता को उजागर करती है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि सीपीसीबी और आईक्यूएयर दोनों के आंकड़े तकनीकी रूप से सही हैं क्योंकि वे अलग-अलग मापन विधियों और पैमानों का उपयोग करते हैं।
यहां बेहद खराब हवा/ AQI
- नेहरू नगर-------413
- वजीरपुर--------405
- पंजाबी बाग------401
- आनंद विहार------398
- पटपड़ंगज-------396
- आरके पुरम------395
- विवेक विहार------393
- अशोक विहार-----392
- रोहिणी----------385
- आईटीओ--------383