एक निवासी ने कहा कि इस इलाके ने कभी इतना सन्नाटा नहीं देखा। उन्होंने बताया कि लोग बस खड़े थे, बोल नहीं रहे थे, मानो शब्द ही समाप्त हो गए हों। शांभवी की मां, जो एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में शिक्षिका हैं, वे बेसुध बताई गईं। उनके पिता, एक सेवानिवृत्त सेना पायलट थे। जो दुर्घटना की खबर सुनकर पुणे गए थे। अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली लौट आए। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों अपनी बेटी की शादी की तैयारियां कर रहे थे।
एक करीबी पारिवारिक मित्र ने कहा कि शांभवी को उनकी असीम ऊर्जा के लिए हमेशा याद किया जाएगा। वह सिर्फ एक दोस्त नहीं, बल्कि सबसे अच्छी दोस्त थीं। हम में से कोई भी उनके उत्साह और हर चीज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का मुकाबला नहीं कर सकता था।
इलाके में दशकों से काम कर रहे एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि उनकी आदत थी कि वह सभी का सम्मानपूर्वक अभिवादन करती थीं। शांभवी 2022 से वीएसआर वेंचर्स से प्रथम अधिकारी के रूप में जुड़ी हुई थीं। एयर फोर्स बाल भारती स्कूल की पूर्व छात्रा, उन्होंने न्यूजीलैंड में उड़ान प्रशिक्षण लिया। इसके बाद वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस अर्जित किया और मुंबई विश्वविद्यालय से बीएससी एयरोनॉटिक्स की डिग्री पूरी की। उनके पास फ्रोजन एटीपीएल और फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग सहित कई अन्य संबंधित प्रमाण पत्र थे।
बारामती में दादा को अंतिम विदाई
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को गुरुवार को उनके गृहनगर बारामती में अंतिम विदाई दी गई। एक दुखद विमान हादसे में उनके निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है। अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
"अजित दादा अमर रहें" के नारे से गूंजा बारामती
अंतिम संस्कार की रस्में दोपहर में शुरू हुईं। अजित पवार के बेटों, पार्थ और जय ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान उनकी पत्नी और राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार अपने आंसू नहीं रोक पा रही थीं। जब उनके पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा हुआ उनके गांव काटेवाड़ी से विद्या प्रतिष्ठान मैदान लाया गया। मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने "अजित दादा अमर रहें" के नारे लगाए, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया।
अंतिम संस्कार में शामिल हुए कई केंद्रीय मंत्री
इस दुखद घड़ी में देश और राज्य के कई बड़े नेता बारामती पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, मुरलीधर मोहोल और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। अजित पवार के चाचा और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार भी वहां मौजूद थे। वे पूरे समय चुपचाप बैठे रहे और अपने भतीजे को अंतिम विदाई दी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी पुणे से बारामती पहुंचे और पुष्पचक्र अर्पित किए।
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