लॉकडाउन के कारण छात्रों और मजदूरों की परेशानियों के समाधान की मांग को लेकर वामपंथी छात्र संगठन आइसा ने रविवार को भूख हड़ताल का एलान किया है। आइसा की केंद्र सरकार से मांग है कि माइग्रेंट वर्कर और स्टूडेंट एक्शन प्लान बनाया जाए। 12 घंटे चलने वाली सांकेतिक भूख हड़ताल में सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखा जाएगा। यह भूख हड़ताल जो जहां है वहीं अपने घर से करेगा।
आइसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जेएनयू के छात्र एनसाई बालाजी और आइसा की पदाधिकारी कव के मुताबिक, लॉकडाउन में सबसे अधिक दिक्कत का सामना छात्र और मजदूर वर्ग कर रहा है। घर से दूर दोनों वर्गों के पास खाने और घर किराये की परेशानी हो रही है। इन्हीं दिक्कतों के समाधान की मांग की जाएगी।
ऑनलाइन क्लासेज के बाद ऑनलाइन परीक्षा की बात हो रही है, लेकिन भारत में बड़ी संख्या में विद्यार्थी ऐसे भी हैं जिनके पास मोबाइल इंटरनेट के साथ कंप्यूटर या लैपटॉप की सुविधा नहीं है। कई छात्रों को अभी तक स्कॉलरशिप की राशि भी नहीं मिली है। मजदूर वर्ग काम बंद होने से परेशान है। घर की छत छिन चुकी है और मालिक ने बिना पैसे दिए फैक्टरियां भी बंद कर दी है। ऐसे मजदूरों को घर वापसी से लेकर वेतन पर भी सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।