सोमवार से दिल्ली एयरपोर्ट पर बने नए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर से विमानों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। देश के सबसे ऊंचे (102 मीटर) एटीसी टावर को आधुनिकतम तकनीक से लैस किया गया है।
इससे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट के तीनों रनवे और तीनों पैसेंजर टर्मिनल के अलावा कार्गो टर्मिनल पर भी आसानी से निगरानी की जा सकेगी। पिछले दो महीने से पुराने और नए एटीएस टावर से सफल ट्रायल रन के बाद यह निर्णय लिया गया है।
आईजीआई एयरपोर्ट के सभी एयर ट्रैफिक नए एटीसी टावर पर शिफ्ट होंगे। नए टावर से तकनीकी तौर पर सुरक्षा और मजबूत हो जाएगी। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार नए टावर से 360 डिग्री मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। यहां से टर्मिनल-थ्री के डार्क स्पॉट पर भी निगरानी रखी जाएगी जो पुराने टावर से संभव नहीं हो पा रही थी।
टर्मिनल-थ्री बन जाने के बाद ऊंचाई की वजह से पुराने टावर से विमानों के संचालन में परेशानी हो रही थी। जहां-जहां डार्क स्पॉट थे, वहां विमान संचालन के लिए रफ्तार धीमी करनी पड़ती थी। इस वजह से विमानों के पार्किंग में पहुंचने और वहां से रनवे तक आने में परेशानी होती थी। अब विमान को रनवे तक पहुंचाने और पार्किंग में भेजने में समय की बचत होगी।
अधिकारियों के अनुसार पुराना सिस्टम भी नए एटीसी टावर का सहयोग करता रहेगा। दिल्ली एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हर मिनट में एक से अधिक उड़ान का संचालन होता है। दिल्ली एयरपोर्ट पर फिलहाल तीन रनवे हैं, चौथा रनवे तैयार करने की योजना पर काम किया जा रहा है।