इस बीच ग्रेप की पाबंदियों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में ट्रकों और हल्के वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर ग्रेप 4 के प्रतिबंधों को सख्ती से लागू न करने के लिए अथॉरिटी को कड़ी फटकार लगाई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के कहना है कि मंगलवार को भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में रहने की आशंका है। रात के समय कुहासा छाया रहेगा। साथ ही आसमान में स्मॉग छाई रहेगी।
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ट्रकों के प्रवेश पर दिल्ली सरकार, पुलिस को फटकार
इस बीच ग्रेप की पाबंदियों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में ट्रकों और हल्के वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर ग्रेप 4 के प्रतिबंधों को सख्ती से लागू न करने के लिए अथॉरिटी को कड़ी फटकार लगाई। पीठ ने सुनवाई के दौरान वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) से स्कूलों से संबंधित नियमों की समीक्षा करने को तो कहा, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया कि अन्य पाबंदियों में फिलहाल किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।
जस्टिस अभय एस ओका व जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि यह स्पष्ट है कि ग्रेप 4 में उल्लिखित अथॉरिटी यानी दिल्ली सरकार, नगर निगम व दिल्ली पुलिस ने नियमों को लागू कराने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया है। कोर्ट कमिश्नरों ने पाया कि पुलिस केवल 23 नवंबर को तैनात की गई थी। इस गंभीर चूक पर हम आयोग को सीएक्यूएम अधिनियम 2021 की धारा 14 के तहत कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देते हैं। शीर्ष अदालत ने निर्माण गतिविधियों पर वर्तमान प्रतिबंध के दौरान उससे जुड़े श्रमिकों की सहायता के लिए श्रम उपकर निधि जारी करने का निर्देश दिया।
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पुलिस आयुक्त पर कार्रवाई का निर्देश देंगे
कोर्ट को बताया गया कि 83 चेक पोस्ट का निरीक्षण किया गया और कई पोस्ट पर कोई कर्मचारी नहीं था। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि पुलिस को 23 प्रमुख चेकपॉइंट पर कर्मियों को तैनात करने के आदेश दिए गए थे, तब जस्टिस ओका ने कहा, केवल 23 पर ही क्यों? यह लापरवाही है और हम आयोग को दिल्ली पुलिस आयुक्त पर धारा 14 के तहत मुकदमा चलाने का निर्देश देंगे।