फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली और आसपास दिवाली से पहले बढ़ा वायु प्रदूषण, सांस के रोगी दिक्कत में

Sat, 14 Nov 2020 03:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
बढ़ गया प्रदूषण... - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

दिवाली से पहले शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर के शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ गया। सवेरे हालात ठीक थे पर शाम होते होते धुएं और धूल की चादर छाने लगी। सांस के रोगियों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) इन शहरों में बेहद खराब रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार गुरुग्राम में एक्यूआई 324 तथा फरीदाबाद में 319 रहा। 

विज्ञापन

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, बृहस्पतिवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में 1,447 पराली जलने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। 

इससे होने वाले पीएम 2.5 के प्रदूषण की करीब 14 फ़ीसदी हिस्सेदारी दर्ज की गई है। जबकि एक दिन पहले पराली के धुएं की हिस्सेदारी पांच फ़ीसदी से भी कम दर्ज की गई थी। प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्वों में शामिल पीएम 10 और पीएम 2.5 के सूक्ष्म कणों में भी इजाफा हुआ है। पीएम 10 का स्तर जहां 299 दर्ज किया गया है वहीं, पीएम 2.5 का स्तर 168 रहा। जबकि एक दिन पहले पीएम 10 का स्तर 276 और पीएम 2.5 का स्तर 153 दर्ज किया गया था। पीएम 10 का स्तर का 100 से कम व पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर सुरक्षित माना जाता है। 
विज्ञापन


सफर के मुताबिक, शुक्रवार से हवा की दिशा उत्तर- पश्चिम की ओर हो गई है और आगामी दो दिनों तक हवा के इसी दिशा में बने रहने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, सोमवार से हवा का रुख एक बार फिर पूर्वी दिशा की ओर होने की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार में भी इजाफा हो सकता है। परिणाम स्वरूप दिल्ली- एनसीआर की फिजा में प्रदूषण के छंटने की उम्मीद भी बनी हुई है। वहीं, दिवाली के बाद पश्चिमी विक्षोभ के भी सक्रिय होने की संभावना है। इस वजह से सोमवार को दिल्ली में बारिश के आसार बन रहे हैं जिससे प्रदूषण को छंटने में मदद मिलेगी।

एनजीटी के निर्देशों का सख्ती से पालन करें
वायु गुणवत्ता सूचकांक प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा राज्यों से कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। खासकर दिल्ली एनसीआर में हवा की गुणवत्ता प्रदूषण की वजह से प्रभावित हुई है इसलिए संबंधित राज्य ध्यान रखें। एनसीआर में एनजीटी ने पटाखों पर पूरी तरह पाबंदी लगाई हुई है। 
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें