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फिर गंभीर प्रदूषण की चपेट में दिल्ली-एनसीआर, हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में

Tue, 11 Dec 2018 04:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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दिवाली के बाद से दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब और बहुत खराब श्रेणी के बीच झूल रही थी, लेकिन ठंड बढ़ते ही हवा गंभीर श्रेणी में दाखिल हो गई है। हवा में प्रदूषण के कण पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 और 10 भी बेहद गंभीर स्थिति में हैं। ये कभी भी आपात स्तर पार कर सकते हैं। केंद्रीय एजेंसियां अपनी स्वास्थ्य संबंधी सलाह में स्वस्थ लोगों को भी सुबह और शाम को खुले वातावरण में शारीरिक गतिविधियां करने से मना कर रही हैं। मौसम विभाग ने दो दिन तक वायु गुणवत्ता के इसी स्तर पर रहने का अनुमान लगाया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टास्क फोर्स की बैठक में हाल ही में दिल्ली-एनसीआर के संबंधित प्राधिकरणों से कहा गया था कि वे स्थानीय प्रदूषण रोकने के लिए कोशिश तेज करें, ताकि दो हफ्तों से बहुत खराब श्रेणी वाली हवा को एक पायदान नीचे खराब श्रेणी में लाया जा सके। ऐसा नहीं हुआ और हवा फिर से गंभीर श्रेणी में दाखिल हो गई। 
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सीपीसीबी के सोमवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक, दिल्ली में यह 403, यूपी के गाजियाबाद में 430, ग्रेटर नोएडा में 433, नोएडा में 452 रहा। हरियाणा में फरीदाबाद में एक्यूआई 448 रहा। 401 से 500 का एक्यूआई स्तर गंभीर वायु गुणवत्ता श्रेणी को प्रदर्शित करता है। ऐसी हवा की जद में रहकर स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार पड़ सकता है। सीपीसीबी की स्वास्थ्य संबंधी सलाह में चेताया जा रहा है कि इस स्थिति में न सिर्फ श्वास रोग संबंधी मरीजों, बल्कि आम लोगों को भी परेशानी हो सकती है। इसलिए बाहर निकलने से बचें और जरूरी हो तो मास्क पहनें।
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आपात स्तर की ओर पीएम
दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 2.5 और 10 की मौजूदगी आपात स्तर के बेहद करीब है। सोमवार रात आठ बजे पीएम 2.5 256 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और पीएम 10 450 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड हुए। पीएम 10 हवा में मौजूद मोटे प्रदूषण कण और पीएम 2.5 बेहद महीन और आंखों से न दिखने वाले प्रदूषण कण हैं। पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 और पीएम 2.5 का 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होता है। यानी दोनों मानक से चार गुना से भी अधिक हैं।

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