दिल्ली-एनसीआर में सप्ताह में दूसरी बार हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। हालांकि, इस बार अभी तक खतरनाक पार्टिकुलेट मैटर आपात स्तर पर नहीं पहुंचे हैं। मौसम से होने वाले प्रदूषण के अलावा वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सुप्रीम कोर्ट गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) लगातार प्राधिकरणों को फटकार लगा रहा है। जबकि प्राधिकरण बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि प्रदूषण के आंकड़ों में स्वयं ही सुधार हो जाए। आम लोगों को एन-95 गुणवत्ता वाला मास्क पहनने और सुबह व शाम को घर से कम निकलने की सलाह दी गई है।
शुक्रवार को गाजियाबाद व ग्रेटर नोएडा छोड़कर दिल्ली व आस-पास के सभी शहरों की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ था। हालांकि, शनिवार को वापस सभी जगह वायु गुणवत्ता गंभीर प्रदूषित हो गई।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली का पारा फिर से लुढ़क सकता है। रविवार और सोमवार को ठंडे दिन और बारिश का पूर्वानुमान है। यदि ऐसा होता है तो प्रदूषण की स्थिति में अल्प अवधि वाले सुधार के बाद फिर से वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर की प्रदूषित हो सकती है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक शनिवार को सतह पर चलने वाली हवा की गति प्रदूषण कणों को बिखरने वाली रही। इसलिए पार्टिकुलेट मैटर समेत अन्य प्रदूषण कणों को एक जगह रुकने का मौका नहीं मिला। सतह पर हवा की गति 4.4 किलोमीटर प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई। यह प्रदूषण कणों को बिखेरने में सक्षम है। इसके अलावा मौसम के अन्य सूचक जैसे आद्रता और नमी के आंकड़े प्रदूषण को बढ़ाने वाले ही बने हुए हैं।
पीएम कण में उतार-चढ़ाव
दिल्ली-एनसीआर की हवा में पार्टिकुलेट मैटर में भी उतार चढ़ाव जारी है। बेहद खतरनाक पीएम 2.5 और 10 अपने सामान्य मानक से चार गुना अधिक बने हुए हैं। पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है। शाम सात बजे हवा में इसकी मौजूदगी 269 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। वहीं, पीएम 10 का स्तर सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से चार गुना अधिक 460 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया।
एनसीआर में एक्यूआई का आंकड़ा
शहर 5 जनवरी 4 जनवरी 3 जनवरी 2 जनवरी
गाजियाबाद 417 418 458 455
फरीदाबाद 415 380 411 411
ग्रेटर नोएडा 414 408 433 438
दिल्ली 407 386 444 430
गुरुग्राम 404 337 370 458
नोएडा 403 385 447 408
नोट : आंकड़े का स्रोत : सीपीसीबी, 301 से 400 का एक्यूआई बहुत खराब और 401 से 500 का एक्यूआई गंभीर प्रदूषण को प्रदर्शित करता है।