शहर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए इस साल तीन नए एयर मॉनीटरिंग सिस्टम लगाए गए। इसके लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने 14 करोड़ रुपये क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए थे, ताकि प्रदूषण के स्तर का पता लगाकर इससे निपटने के लिए कदम उठाए जा सकें। लेकिन तीनों स्टेशन अब तक चालू नहीं हो सके हैं। सिस्टम की लापरवाही के कारण पिछले 1 माह से दो स्टेशनों को बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पाया है। ऐसे में करोड़ों की कीमत से बनाए गए ये स्टेशन खराब हो रहे हैं।
समाजसेवी अमित गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण की निगरानी के लिए एयर मॉनीटरिंग सिस्टम लगाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। 16 महीनों तक इसके लिए लड़ाई भी लड़ी गई। इसके बाद सिस्टम तो लगवा दिए गए, लेकिन इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। बोर्ड की शिथिल कार्यप्रणाली से न केवल पैसे की बर्बादी हो रही है, साथ ही बढ़ते प्रदूषण पर भी अंकुश नहीं लग पा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बारे में जब भी प्रदूषण विभाग से पूछा जाता है तो हर बार मॉनीटरिंग सिस्टम शुरू करने की नई तारीख दे दी जाती है। इस संबंध में आइजीआरएस पर भी याचिका दाखिल की गई है। लेकिन अभी उधर से भी कोई जवाब नहीं आया है।
डॉ. अनिल कुमार सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि, अभी तीनों मशीनें चालू नहीं हो पाई हैं। किसी वजह से बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पा रहा था। लेकिन इस माह के अंत तक तीनों मशीन चालू हो जाएंगी।