फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से नागरिक उड़ानों पर जीएमआर की मंजूरी का इंतजार

Fri, 01 Sep 2017 09:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
hindan air base
विज्ञापन
गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से अगर इन सर्दियों में यात्री विमान उड़ान भरने लगेंगे तो दिल्ली-एनसीआर के लिए काफी सुविधा हो जाएगी। वायुसेना ने इस प्रस्ताव पर सहमति जता दी है। संभावना यही है कि अक्तूबर के आखिरी रविवार से यह योजना परवान चढ़ सकती है।
विज्ञापन


अभी दिल्ली की सभी उड़ानें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संचालित होती हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस बारे में सभी पक्षों से बातचीत शुरू कर दी है। 

इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर उड़ानों का दबाव इतना ज्यादा है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए शुरू की गई क्षेत्रीय संपर्क योजना के लिए बात आगे ही नहीं बढ़ पा रही थी। अभी हिंडन एयरबेस का इस्तेमाल वायुसेना के विमानों के लिए किया जाता है। 
विज्ञापन


अगर ऐसा होता है तो दिल्ली-एनसीआर का हिंडन दूसरा एयरपोर्ट होगा। लेकिन इसके लिए सबसे अहम होगा दिल्ली एयरपोर्ट को संचालित करने वाली कंपनी जीएमआर की अनुमति लेना। 

दरअसल इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के 150 किलोमीटर के दायरे में दूसरा एयरपोर्ट बिना जीएमआर की अनुमति के नहीं बनाया या संचालित किया जा सकता। ऐसा दिल्ली एयरपोर्ट को तैयार करते समय जीएमआर से किए करार में लिखा है। 

बता दें कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय चाहता है कि क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के लिए ही हिंडन एयरबेस का इस्तेमाल किया जाए। वायुसेना का हिंडन एयरबेस एकदम राजधानी दिल्ली से लगा हुआ है और यहां आना-जाना भी बेहद आसान होगा। 

मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इसके लिए हिंडन एयरबेस के  एक हिस्से का इस्तेमाल किया जाएगा। इन उड़ानों की शुरुआत इसी अक्तूबर से हो सकती है।

क्यों पड़ी हिंडन एयरबेस की जरूरत?

hindan air base
उड़ानों के संचालन के लिए सेना के हवाई अड्डे में यात्री टर्मिनल का होना सबसे जरूरी है। सूत्रों के अनुसार उड़ान योजना के दूसरे दौर में दिल्ली एयरपोर्ट पर बोझ ज्यादा पड़ जाएगा। ऐसे में एयरपोर्ट की व्यवस्था देख रही जीएमआर की कंपनी दिल्ली डायल के लिए इन उड़ानों को संचालित करना मुश्किल हो सकता है। 

मंत्रालय ने इसी वजह से वायुसेना से बात की। वायुसेना हिंडन पर जगह देने को राजी है। दरअसल उड़ान योजना के तहत संचालित होने वाले विमान छोटे हैं। इन्हें उड़ान भरने और उतरने में ज्यादा समय लगता है। इसलिए दिल्ली एयरपोर्ट पर बात नहीं बन पा रही थी।  

 2500 रुपये है अधिकतम किराया
उड़ान योजना के तहत छोटे शहरों के बीच अधिकतम किराया 2500 रुपये प्रति घंटा ही वसूला जा सकता है। इसके लिए दूसरे दौर की नीलामी होने वाली है। इंडिगो ने छोटे शहरों की तरफ अपनी उड़ानें बढ़ाने का इरादा जाहिर किया है। कंपनी ने छोटे विमानों का आर्डर भी दिया है। अगले तीन चार साल में 300 नए शहर हवाई सेवा से जुड़ जाएंगे। 

फिलहाल देश भर में रक्षा मंत्रालय के 23 हवाई अड़्डो सें नागरिक उड़ानों का भी संचालन होता है। वायुसेना के गोरखपुर और बीकानेर हवाई अड्डे ऐसे ही हैं। इसके अलावा नौसेना के दाबोलिम (गोवा) और विशाखापत्तनम से भी यात्री उड़ानें संचालित होती हैं।
विज्ञापन

जेवर एयरपोर्ट के लिए लेंगे तीन हजार करोड़ का लोन 

hindan air base
एक तरफ जहां हिंडन एयरबेस को नागरिक उड़ानों के लिए खोले जाने की तैयारी है वहीं जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की सहमति के बाद अब प्रोजेक्ट पर होने वाले खर्च का इंतजाम करने के प्रयास शुरू हो गया है। बीते दिवस दिल्ली में यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने हुडको व एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से ऋण के लिए अधिकारियों से बात की। 

प्राधिकरण इसके लिए 4 सितंबर को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखेगा। इसके अलावा टेक्नीकल फिजिविलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया चल रही है। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण में भी 150 किलोमीटर के दायरे में दूसरे हवाई अड्डे के न होने वाली अड़चन आनी थी लेकिन प्राधिकरण का कहना है कि इसके निर्माण के लिए पहले जीएमआर को प्रस्ताव दिया जाएगा। इससे उसे आपत्ति नहीं होगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें