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हवा का आपातकाल: न सम-विषम, न ही जेनरेटर पर रोक, अगले दो दिन में मिल सकता है बारिश का तोहफा

Sat, 16 Jun 2018 11:55 AM IST
विवेक मिश्रा, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) को मंजूर करते हुए कहा था कि इसमें हवा की स्थिति पर तय किए गए कामों को सरकार और प्राधिकरण स्वत: लागू करेंगे। इसमें आपात स्थिति में सम-विषम, दिल्ली के बाहर के भारी वाहनों पर रोक व डीजल जनरेटर पर रोक जैसे कदम उठाए जाने थे। बीते वर्ष नवंबर के बाद दोबारा हवा की आपात स्थिति पर दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां सम-विषम को लागू करने में विफल रही हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने कहा कि सम-विषम पर निर्णय दिल्ली सरकार को लेना था। ऐसे में यह उनकी चूक है।
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दिल्ली में लोग जहरीली हवा लेने में सांस लेने को मजबूर हैं। सरकार, मंत्री और अधिकारी किसी को भी लोगों की चिंता नहीं है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत लोगों को स्वच्छ हवा मुहैया कराना सरकार और प्राधिकरणों का दायित्व है। 13 जून से हवा में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) लगातार आपात स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर के ऊपर बना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सदस्य सचिव ए. सुधाकर ने कहा कि उन्होंने ग्रैप के इमरजेंसी प्लान में से कुछ कदम उठाए हैं। कुछ कदम हवा में पीएम 2.5 की आपात स्थिति नहीं बनने के कारण नहीं उठाए गए हैं।

इनमेें भारी वाहनों को दिल्ली के बाहर रोकना शामिल है, निर्माण गतिविधियों को रोक दिया गया है। सम-विषम लागू करने का कदम दिल्ली सरकार को ही उठाना है। दिल्ली सरकार बीते वर्ष नवंबर के दौरान भी यह कदम उठाने से चूक गई थी। ए. सुधाकर ने कहा कि हवा में पीएम 10 की खराब स्थिति है। पीएम 2.5 अत्यंत महीन होते हैं। इनके स्रोत डीजल जनरेटर, मोटर वाहन हैं। 2.5 की स्थिति 300 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर के पार नहीं गई, इसलिए इन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया। वहीं ग्रैप के मुताबिक, अपनी इच्छा से कुछ भी लागू नहीं किया जा सकता। स्वत: ही प्राधिकरणों को इसे लागू करना है।
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पर्यावरण मंत्री की बैठक में नहीं आए अधिकारी  

पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने हवा के प्रदूषण को लेकर दिल्ली के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी। हालांकि इसमें पर्यावरण सचिव और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य सचिव नहीं पहुंचे।

सीएम ने पूछा, आलोचक बताएं कैसे होगा काम? 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पर्यावरण मंत्री की बैठक में अधिकारियों के न पहुंचने पर कहा कि जब बैठक में अधिकारी ही नहीं आ रहे तो क्या किया जा सकता है। क्या पीएम मोदी एक दिन भी बिना अधिकारियों के काम कर सकते हैं? ऐसी हालत में आलोचक ही बताएं कि काम कैसे किया जाए?
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मौसम सुधरने का संकेत, हो सकती है राहत की बारिश

दिल्ली समेत पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में राजस्थान की धूल और धुंध से प्रभावित लोगों को 16 से 18 जून के बीच बारिश का तोहफा मिल सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है। इसके कारण उत्तर-पश्चिमी मैदानी हिस्सों में तेज आंधी व गर्जन के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि उनके जरिए जुटाई गई मौसमी सूचनाओं से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बीच हवा की दिशा भी बदल सकती है और गति भी काफी मंद पड़ सकती है। इससे 16 जून से राजस्थान की ओर से उड़कर आने वाली धूल और गर्म हवा व उमस से लोगों को राहत की संभावना है।

न्यूनतम तापमान औसत से 6 डिग्री ज्यादा 
राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान जहां 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान औसत से 6 डिग्री अधिक रिकॉर्ड हुआ। वहीं आर्द्रता 35 से 44 फीसदी के बीच रिकॉर्ड हुई।  

बारिश-गर्जन का पूर्वानुमान
क्षेत्रीय मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली में बारिश और गर्जन की संभावना है। वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान 40 और न्यूनतम 32 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
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