स्वीडन की महारानी सिल्विया और एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने डिमेंशिया रोग और वरिष्ठ नागरिकों के इलाज के लिए स्वीडन के साथ करार किया है। मंगलवार को एम्स पहुंची स्वीडन की महारानी सिल्विया ने निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इसके मुताबिक, दोनों देशों में डिमेंशिया रोग से पीड़ित मरीजों को गुणवत्तायुक्त जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। स्वीडन की महारानी सिल्विया की मां डिमेंशियाग्रस्त थीं। इसलिए अब वे इन मरीजों के लिए एक एनजीओ भी चलाती हैं।
महारानी ने एम्स परिसर का दौरा भी किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों के अनुभव साझा किए। एम्स के जीरिएट्रिक विभागाध्यक्ष डॉ. प्रसून चटर्जी भी इस बैठक में मौजूद थे।
इस करार के जरिए एम्स के डॉक्टर स्वीडन जाकर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानेंगे। वहां उपलब्ध सुविधाओं को भारत भी लाया जाएगा। डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि वर्ष 2015 की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 44 लाख से ज्यादा लोग डिमेंशिया ग्रस्त हैं।
इसी रिपोर्ट में आशंका जताई गई थी कि वर्ष 2030 तक यह आंकड़ा दोगुना हो सकता है। स्वीडन के स्वास्थ्य और सामाजिक मामलों के वरिष्ठ अधिकारी एन. जैकबसन ने बताया कि इस करार में जोधपुर एम्स भी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि ऐसे सहयोग भारत के लिए आवश्यक हैं।