कोरोना से पीड़ित हुए नर्सिंग अधिकारी अब इस बीमारी को मात देकर दोबारा ड्यूटी पर वापस लौट रहे हैं। इन्हीं में कई स्वास्थ्यकर्मी ऐसे हैं जो कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा दान कर रहे हैं।
नर्सिंग अधिकारी लोकेश मौर्य ने बृहस्पतिवार को साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती एक मरीज के इलाज के लिए अपने शरीर से प्लाज्मा दान किया है। उनके इस कार्य को अस्पताल के डॉक्टरों ने भी सराहा है।
लोकेश मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। वह एम्स के गैस्ट्रोलॉजी विभाग में वह कार्यरत हैं। 30 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उन्होंने कहा कि वह संक्रमित होने पर भी घबराए नहीं। अस्पताल में योग व ध्यान लगाना बहुत काम आया।
अब ठीक होने के बाद एम्स के ही एक वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर के रिश्तेदार को प्लाज्मा दान किया है। इससे मरीज को प्लाज्मा थेरेपी दी गई है,जिसके बाद से मरीज का स्वास्थ्य ठीक हो रहा है। लोकेश बताते हैं कि उन्होंने अस्पताल के निदेशक को पत्र लिखकर निवेदन किया था कि अगर वह कोरोना मरीजों का इलाज करते हुए संक्रमित हो जाते हैं तो इस बीमारी से ठीक होने के बाद वह प्लाज्मा दान करेंगे।
बीते दो दिनों में तीन स्वास्थ्य कर्मी कर चुके हैं प्लाज्मा दान
नर्सिंग अधिकारी कनिष्क यादव बताते हैं कि एम्स के सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने संकल्प लिया है कि कोरोना से ठीक होने के बाद वे अपना प्लाज्मा दान करेंगे। इसी कड़ी में पिछले दो दिनों में तीन नर्सिंग अधिकाररियों ने विभिन्न अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज में अपना योगदान दिया है।