सफदरजंग अस्पताल में अगले दो दिन तक खोपड़ी मॉडल पर डॉक्टर अभ्यास कर सकेंगे। शुक्रवार से अस्पताल में दो दिवसीय क्रैनियो मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में वर्तमान रुझान विषय पर कार्यशाला आयोजित हो रही है। अस्पताल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. शलभ कुमार बताते हैं कि जन्म से जुड़ी विकृतियों और चेहरे व खोपड़ी की विकृतियों के बारे में नए डॉक्टरों को पर्याप्त जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। अभी तक रेजीडेंट डॉक्टर को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है।
इन जटिल विकृति की अक्सर अनदेखी की जाती है या कुछ उत्कृष्ट संस्थानों का जिक्र किया जाता है, जो उन रोगियों के भार को संभालने में सक्षम नहीं हो सकते हैं। यह कार्यशाला कार्यात्मक, सौंदर्य और मनोवैज्ञानिक मुद्दों पर आधारित है। सीएमई कार्यशाला नवोदित प्लास्टिक सर्जनों को एक मंच प्रदान करती है, जो इस जटिल समस्या की बारीकियों को समझने के लिए व्यवहारिक व्याख्यान और खोपड़ी मॉडल सर्जरी के गुर सिखाती है।
इस दौरान डॉक्टर बाहरी संकायों के मार्गदर्शन में विभिन्न विकृति और मैक्सिलोफेशियल चोटों के बारे में खोपड़ी के मॉडल पर सर्जरी का अभ्यास करेंगे। इस कार्यक्रम में देश के कई अस्पतालों के डॉक्टर हिस्सा लेंगे। डॉ. शलभ कुमार का कहना है कि बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग बहुत कम केंद्रों में से एक है जो मैक्सिलोफेशियल सर्जरी में युवा प्लास्टिक सर्जनों को उनकी प्रैक्टिस के दौरान ये प्रशिक्षण देता है।