नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली के न्यूरोसाइंसेस सेंटर स्थित न्यूरोसर्जरी विभाग ने गर्मी की छुट्टियों को दो चरणों में बांटने का फैसला लिया है, ताकि मरीजों की सेवाएं प्रभावित न हों। इस व्यवस्था के तहत आधे-आधे फैकल्टी सदस्य अवकाश पर रहेंगे, जबकि शेष डॉक्टर कार्यरत रहेंगे। विभागाध्यक्ष पीएस चंद्रा के अनुसार, हर चरण में करीब 10 फैकल्टी सदस्य अस्पताल में सेवाएं देते रहेंगे। इससे आपातकालीन न्यूरोसर्जरी सेवाएं 24 घंटे जारी रहेंगी। पहला अवकाश चरण 16 मई से 14 जून तक रहेगा, जबकि दूसरा चरण 16 जून से 15 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान अलग-अलग फैकल्टी सदस्य छुट्टी पर रहेंगे। एम्स प्रशासन का कहना है कि यह रोस्टर इस तरह तैयार किया गया है कि मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की बाधा न आए और गंभीर मामलों में तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। ब्यूरो