एम्स के डॉक्टरों ने प्रदर्शन के दौरान हुई अनुपस्थिती के बदले वेतन न काटने का अनुरोध किया है। आरजीकर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कोलकाता में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म के विरोध में डॉक्टर ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टर से अपनी हड़ताल खत्म करने की बात कही थी साथ ही आश्वासन दिया था उन पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं है।
एम्स आरडीए का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के आश्वासन के बाद भी एम्स हड़ताल के दौरान हुई अनुपस्थिती को छुट्टी मान कर वेतन काटने पर अड़ा हुआ है। अध्यक्ष डॉ. इंद्र शेखर प्रसाद ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग रखी है। साथ ही कहा कि एम्स 2 नवंबर के आधिकारिक ज्ञापन को वापस ले और 2 दिसंबर के प्रतिनिधित्व पर पुनर्विचार करें। एम्स के तरफ से जारी ज्ञापन में कहा गया है कि इस मामले में अगले 10 दिनों में विचार किया जाएगा।