देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान एम्स में रोज हजारों मरीजों का उपचार करने वाले डॉक्टर इन दिनों बंदरों से खौफजदा हैं। बंदर एक माह के भीतर संस्थान के तीन डॉक्टरों पर हमला कर चुके हैं। एम्स के रेजीडेंट डॉक्टरों ने प्रबंधन से शिकायत की है, लेकिन इस पर मंगलवार तक जवाब नहीं मिला है। इससे पहले भी एम्स के डॉक्टर बंदरों से निजात दिलाने की मांग कर चुके हैं।
पिछले वर्ष एम्स आरडीए की ओर से तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को पत्र भी लिखा गया था। इस पर मेनका गांधी ने कहा था कि एम्स परिसर में हर दिन हजारों लोग आते हैं। जगह-जगह खाने की सामग्री डालने से एम्स परिसर में बंदर बढ़ रहे हैं।
इसलिए खाने की सामग्री इधर-उधर न फेंकने की अपील की जाए तो बंदरों की समस्या से निपटा जा सकता है। अब एक बार फिर डॉक्टरों ने एम्स को बंदरों से मुक्त कराने की मांग की है।
एम्स आरडीए के अनुसार, हाल ही में शैक्षिक ब्लॉक के पांचवें तल पर बंदरों ने एक महिला रेजीडेंट को घायल कर दिया। इससे कुछ दिन पहले प्रथम तल पर सीढ़ियों से उतरते वक्त महिला डॉक्टर बंदरों के हमले का शिकार बनी थीं।