समय के साथ डॉक्टरों के तेवर और गरमाते जा रहे हैं। एम्स और सफदरजंग के डॉक्टरों ने अब केंद्र सरकार को अगले 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर उनकी सुरक्षा से जुड़े कानून को लागू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सोमवार से वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि इस बार दिल्ली एम्स सहित पूरे देश में एकसाथ डॉक्टर हड़ताल पर होंगे। शुक्रवार को दिनभर हड़ताल पर जाने से देशभर में हालात काफी बिगड़ गए थे।
शनिवार सुबह हड़ताल से वापस आने के बाद देश के दो सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स और सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों ने मरीजों का उपचार किया, लेकिन इस दौरान किसी के सिर पर पट्टी बंधी थी तो किसी के सिर पर हेलमेट लगा हुआ था। इनका कहना था कि भले ही ये हड़ताल नहीं है, लेकिन इनका विरोध लगातार जारी है।
एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के सचिव डॉ. अरुण पांडे ने कहा कि 48 घंटे के बाद हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि हम पश्चिम बंगाल सरकार के शत्रुतापूर्ण और अड़ियल रवैये की निंदा करते हैं। विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक न्याय नहीं मिल जाता। डॉक्टरों की मांग है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आरोपियों को गिरफ्तार करें। डॉक्टरों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करें।
सफदरजंग अस्पताल की आरडीए के अध्यक्ष डॉ प्रकाश ठाकुर ने भी इस मामले पर एम्स के डॉक्टरों का समर्थन किया है। आरडीए के डॉ. आशु मीणा का कहना है कि डॉक्टरों पर बढ़ रहे अत्याचार के खिलाफ अब पूरा चिकित्सीय तंत्र एकजुट हो चुका है। इतने बड़ी मुहिम के बाद अब खाली हाथ पीछे नहीं हटा जा सकता।