हाइपर पैराथायराइडिज्म एक ऐसी स्थिति है जो पैराथायराइड ग्रंथि में पैराथाइरॉइड हार्मोन के अतिरिक्त होने के कारण बन जाती है। इससे खून में कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है। इसके कारण कमजोरी, थकान और हड्डियों में दर्द सहित अन्य समस्याएं होती है।
इस सर्जरी को करने वाले सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. सुनील चुम्बर और ओरल व मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के प्रमुख डॉ. अजॉय रॉय चौधरी ने बताया कि 14 साल की किशोरी के जबड़े में एक बड़ा कोशिका ट्यूमर बन गया था। इससे चेहरे की विकृति, खाने और बोलने में कठिनाई हो रही थी।
एम्स में ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के प्रमुख डॉ. अजॉय रॉय चौधरी ने बताया कि किशोरी का मामला सामने आने के बाद टीम ने सर्जरी की योजना बनाई। यदि समय पर सर्जरी न करते तो किशोरी को नुकसान हो सकता था। उन्होंने कहा कि यह ट्यूमर आम तौर पर धीमी गति से बढ़ता है, लेकिन जबड़े की हड्डी को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही इसका इलाज न करते तो दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है। जबड़े की हड्डी में फ्रैक्चर भी हो सकता है।
डॉ. सूरज प्रेमानंद ने कहा कि ट्यूमर साहित्य में अभी तक का सबसे बड़ा जबड़ा ट्यूमर दिख रहा है। डॉ. देव सेनापति और डॉ. निशिकांत दामले के नेतृत्व में आधुनिक रेडियोलॉजी और परमाणु चिकित्सा निदान विधियों का उपयोग करके इस ट्यूमर को हटाया गया। प्रो. सुनील चुम्बर के नेतृत्व में सर्जनों की टीम ने पैराथायराइड एडीनोमा के लिए ऑपरेशन किया और जबड़े के ट्यूमर को हटा दिया। सर्जरी के बाद रोगी ने खाना शुरू कर दिया है और स्वस्थ है।